अब 15 नवंबर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
विभाग का कहना है कि धान खरीद के बाद उसकी मिलिंग और चावल तैयार करने की प्रक्रिया सुचारु रखने के लिए पर्याप्त संख्या में राइस मिलों का पंजीकरण जरूरी है। इसी उद्देश्य से निबंधन की अवधि बढ़ाई गई है। जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तय समय के भीतर रजिस्ट्रेशन और मिलों का भौतिक सत्यापन पूरा कराया जाए।
अब तक 608 राइस मिलों का पंजीकरण
विभागीय जानकारी के मुताबिक, इस साल अब तक 608 राइस मिलों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। पिछले वर्ष कुल 868 मिलों का पंजीकरण हुआ था। इस बार अधिक से अधिक मिलों को प्रक्रिया में शामिल करने के लिए रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाई गई है। राइस मिलर ई-सहकारी पोर्टल esahkari.bihar.gov.in के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
पिछले साल 36.79 लाख टन धान की हुई थी खरीद
पिछले खरीफ विपणन वर्ष में बिहार में 36.79 लाख टन धान की खरीद हुई थी। इस बार भी सरकार का जोर खरीद और मिलिंग की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर है।
किसानों के लिए जरूरी बात: धान खरीद 1 नवंबर से शुरू करने का प्रस्ताव है। खरीद केंद्रों, पंजीकरण और भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।

0 comments:
Post a Comment