भारत के लिए खुशखबरी! चीन-पाक मिलकर भी नहीं कर पाए बराबरी

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की GDP ग्रोथ दर्ज कर मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं, चीन और पाकिस्तान के ताजा आंकड़ों को जोड़ने पर भी उनकी संयुक्त वृद्धि दर भारत के आंकड़े से कम रहती है। हालांकि, इन देशों के आंकड़े अलग-अलग तिमाहियों और अवधियों से जुड़े हैं, इसलिए तुलना करते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

पाकिस्तान की आर्थिक रफ्तार रही धीमी

पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में 2% की आर्थिक वृद्धि दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, यह बाजार के 3.5% के अनुमान से कम रही। महंगे ईंधन और वैश्विक अनिश्चितताओं ने वहां उद्योग और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाया।

चीन की GDP ग्रोथ कितनी रही?

चीन की अर्थव्यवस्था ने संबंधित तिमाही में 4.5% की वृद्धि दर्ज की। इसके साथ पाकिस्तान की 2% वृद्धि दर जोड़ने पर कुल आंकड़ा 6.5% बनता है, जो भारत की 7.8% वृद्धि दर से 1.3 प्रतिशत अंक कम है।

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं संकेत?

भारत की मजबूत GDP ग्रोथ घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार को दर्शाती है। वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह प्रदर्शन अहम माना जा सकता है। कई रिपोर्ट ये बतलाती हैं की भारत की जीडीपी ग्रोथ तेजी से बढ़ रहा हैं।

दरअसल, दिए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत की अप्रैल-जून तिमाही की वृद्धि दर चीन और पाकिस्तान की संबंधित वृद्धि दरों के योग से अधिक रही।

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