कई प्रमुख हाईवे आपस में जुड़ेंगे
प्रस्तावित रिंग रोड का उद्देश्य शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम करना और लोगों को जाम से राहत दिलाना है। योजना के तहत अलीगढ़-गाजियाबाद एनएच-34 को बुलंदशहर-मेरठ एनएच-335 से जोड़ने की तैयारी है। इसके रास्ते में मेरठ-बदायूं, बुलंदशहर-अनूपशहर और बुलंदशहर-स्याना-गढ़मुक्तेश्वर मार्ग भी आएंगे।
इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर शहर से होकर गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलने से यातायात व्यवस्था सुधर सकती है।
शुरू होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
रिंग रोड बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पहले भी इस परियोजना के लिए अनुमानित लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब NHAI ने नए सिरे से एलाइमेंट तैयार कर मुख्यालय भेजा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दिसंबर के अंत तक इस दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि और समयसीमा का इंतजार है।
शहर को जाम से मिलेगी राहत
रिंग रोड बनने से बुलंदशहर में यातायात का दबाव कम करने, हाईवे कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और आसपास के इलाकों की आवाजाही आसान करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल परियोजना के अगले चरण के लिए मुख्यालय की मंजूरी अहम है। निर्माण की वास्तविक शुरुआत और पूरा होने की समयसीमा आगे की स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

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