107 कल्वर्ट और 36 पुलों का काम पूरा
एनएच-82 की इस परियोजना के एक 22.935 किलोमीटर लंबे निर्माण खंड में 107 एचपी कल्वर्ट, छह बड़े पुल और 30 छोटे पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 112 बॉक्स कल्वर्ट में से 108 तैयार हैं। एक रेलवे ओवरब्रिज का काम अभी बाकी है, जिसे पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
यात्रा में लगेगा कम समय
फोरलेन सड़क बनने से गया, राजगीर, नालंदा और बिहारशरीफ के बीच सफर पहले से अधिक सुगम होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी फायदा मिल सकता है। बोधगया, राजगीर और नालंदा जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
2016 में शुरू हुआ था निर्माण
इस परियोजना का निर्माण 20 अक्टूबर 2016 को शुरू हुआ था। शुरुआती लक्ष्य के अनुसार इसे 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण में देरी हुई। अब 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने के बाद शेष निर्माण कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है।

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