उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक, नई व्यवस्था को लेकर लोक भवन से सहमति मिल चुकी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखने की तैयारी है।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा वेतन
अभी तक सरकार कोषागार के माध्यम से विश्वविद्यालयों को वेतन की राशि उपलब्ध कराती है। इसके बाद संबंधित विश्वविद्यालय अपने स्तर पर शिक्षकों के खातों में भुगतान करते हैं। प्रस्तावित बदलाव के बाद यह बीच की प्रक्रिया हट सकती है और कोषागार से सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन भेजा जाएगा।
विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी में होगा बदलाव
नई व्यवस्था लागू होने पर वेतन से जुड़े बिल तैयार करने, शिक्षकों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच करने तथा भुगतान संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की जिम्मेदारियां नए तरीके से तय की जाएंगी। सरकार का प्रयास है कि पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाए।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
फिलहाल यह प्रस्तावित व्यवस्था है, जिसे लागू करने से पहले राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति जरूरी होगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आगे के दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसके बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वेतन भुगतान की नई प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
यानी बिहार के शिक्षकों को इस बदलाव का लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन नई व्यवस्था कब से लागू होगी, यह कैबिनेट की मंजूरी और उसके बाद जारी होने वाले आदेशों पर निर्भर करेगा।

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