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यूपी में बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; IMD का नया अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में रविवार को बारिश के बाद अब प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल इसके लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कब होगी बारिश?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, पूर्वी यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की संभावना है। 17 अक्टूबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े मौसमी सिस्टम और ऊपरी हवा में बने परिसंचरण की भूमिका बताई गई है।

लखनऊ में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी लखनऊ में सुबह के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बाद में आसमान साफ होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

किसानों की बढ़ी चिंता

पश्चिमी यूपी के अमरोहा समेत कई इलाकों में हाल की बारिश से जलभराव की समस्या सामने आई है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद दोबारा वर्षा से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को सलाह है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें और फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी बरतें।

पानी-पानी होगा बिहार! कई इलाकों में बारिश के आसार

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना समेत प्रदेश के सभी भागों में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, दक्षिण बिहार के कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं।

कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। शेखपुरा जिले के घाटकुसुंबा में सबसे अधिक 52.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा पटना जिले के घोसवारी में 27.4 मिमी, मोकामा में 19.2 मिमी और पंडारक में 12.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पटना में बढ़ा तापमान, कैमूर सबसे गर्म

बारिश और बादलों की आवाजाही के बावजूद राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पटना का अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 31.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, कैमूर जिले के भभुआ में 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो उस अवधि में सबसे अधिक रहा।

15 से 17 अक्टूबर तक फिर बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने के कारण 15 से 17 अक्टूबर के बीच बिहार के उत्तर और दक्षिणी हिस्सों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश की स्थिति जिले और स्थानीय मौसम के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।

किसानों और आम लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह

बादलों और संभावित बारिश के बीच किसानों तथा आम लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। खेतों में कटाई, सुखाई या भंडारण से जुड़े काम करने वाले किसान स्थानीय मौसम की जानकारी लेकर ही आगे की तैयारी करें। फिलहाल प्रदेश में व्यापक बारिश के बजाय कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है।

अल्जाइमर के 5 बड़े संकेत, बार-बार भूलने की आदत को न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। बढ़ती उम्र के साथ छोटी-मोटी बातें भूलना आम बात है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति बार-बार जरूरी चीजें भूलने लगे, परिचित रास्तों पर भटक जाए या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी महसूस करे, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये अल्जाइमर रोग के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। 

अल्जाइमर दिमाग से जुड़ी एक बीमारी है, जो धीरे-धीरे याददाश्त, सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती है। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, ताकि सही जांच और देखभाल शुरू की जा सके।

1. हाल की बातें बार-बार भूलना

अल्जाइमर के शुरुआती लक्षणों में हाल में हुई घटनाओं और बातचीत को भूलना शामिल है। व्यक्ति एक ही सवाल बार-बार पूछ सकता है, जरूरी काम याद नहीं रख पाता या सामान रखकर भूल जाता है। सामान्य भूलने और अल्जाइमर से जुड़ी समस्या में अंतर यह है कि इसमें याददाश्त की परेशानी धीरे-धीरे बढ़ सकती है और दैनिक जीवन पर असर डालने लगती है।

2. परिचित रास्तों पर भी भटक जाना

अगर किसी व्यक्ति को अपने जाने-पहचाने इलाके में रास्ता पहचानने में परेशानी होने लगे या वह यह भूल जाए कि उसे कहां जाना है, तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। अल्जाइमर में व्यक्ति को समय, जगह और आसपास के माहौल को समझने में भी कठिनाई हो सकती है। ऐसी समस्या बार-बार होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

3. रोजमर्रा के काम करने में परेशानी

पहले आसानी से किए जाने वाले कामों में अचानक या धीरे-धीरे कठिनाई आने लगना भी एक संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, खाना बनाने के चरण भूल जाना, बिलों का हिसाब रखने में परेशानी होना या परिचित उपकरणों का इस्तेमाल करने में उलझन महसूस करना। ऐसे बदलाव व्यक्ति की स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

4. बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना

अल्जाइमर से प्रभावित व्यक्ति को अपनी बात कहने के लिए सही शब्द खोजने में परेशानी हो सकती है। वह बातचीत के बीच रुक सकता है, एक ही बात दोहरा सकता है या परिचित चीजों के नाम भूल सकता है। यदि ऐसी परेशानी लगातार बढ़ रही हो और बातचीत पर असर डाल रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. स्वभाव और व्यवहार में बदलाव

अल्जाइमर का असर केवल याददाश्त तक सीमित नहीं रहता। कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, भ्रम या लोगों से मिलने-जुलने में कम रुचि जैसे बदलाव भी दिखाई दे सकते हैं। व्यक्ति अपनी पसंदीदा गतिविधियों से दूरी बनाने लगे या पहले की तुलना में अधिक उलझन महसूस करे, तो परिवार के सदस्यों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

अल्जाइमर के लक्षण दिखने पर क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति में याददाश्त या व्यवहार से जुड़े ये बदलाव लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। हर बार भूलने का मतलब अल्जाइमर नहीं होता। नींद की कमी, तनाव, कुछ दवाओं के प्रभाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं। डॉक्टर जांच के जरिए सही कारण का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में 10वीं-ग्रेजुएट्स के लिए बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रोजगार का अवसर सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने खेल निदेशालय के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 108 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच और लाइफगार्ड सहित कई पद शामिल हैं। असिस्टेंट कोच के पदों में क्रिकेट और स्विमिंग समेत विभिन्न खेलों से संबंधित रिक्तियां रखी गई हैं। पदों की प्रकृति और अन्य शर्तें संबंधित पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

आवेदन की तारीख

आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 4 नवंबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाना होगा। आवेदन से पहले भर्ती का विज्ञापन ध्यान से पढ़ना जरूरी है, ताकि पात्रता, आयु सीमा और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मिल सके।

PET-2025 के आधार

भर्ती प्रक्रिया में PET-2025 के सामान्यीकृत अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद चयन निर्धारित परीक्षा प्रक्रिया के अनुसार होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा, आवेदन शुल्क और पदवार योग्यता से जुड़ी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करें।

आवेदन से पहले रखें ध्यान

उम्मीदवार अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और खेल से संबंधित आवश्यक प्रमाणपत्रों की जांच कर लें। आवेदन फॉर्म में जानकारी भरते समय किसी भी तरह की गलती से बचें और अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन पूरा करने की कोशिश करें। भर्ती से संबंधित नवीनतम अपडेट के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

हाई बीपी होने के 5 बड़े कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां?

हेल्थ डेस्क। आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव जैसी आदतें ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम बढ़ा सकती हैं। खास बात यह है कि हाई बीपी के शुरुआती दौर में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।

1. ज्यादा नमक खाना

खाने में जरूरत से ज्यादा नमक लेना हाई बीपी का एक प्रमुख जोखिम कारक है। पैकेट वाले स्नैक्स, नमकीन, अचार और प्रोसेस्ड फूड में भी काफी सोडियम हो सकता है। ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोक सकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए नमक सीमित मात्रा में लें और खाद्य पदार्थों के लेबल पर सोडियम की मात्रा जरूर देखें।

2. शारीरिक गतिविधि की कमी

लंबे समय तक बैठकर काम करना और नियमित व्यायाम न करना भी ब्लड प्रेशर बढ़ने के जोखिम से जुड़ा है। सक्रिय रहने से वजन नियंत्रित रखने और दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। रोजाना पैदल चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना फायदेमंद हो सकता है।

3. लगातार तनाव लेना

लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहने से शरीर पर असर पड़ सकता है। तनाव के दौरान रक्तचाप अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। यदि तनाव के साथ नींद की कमी और अस्वस्थ दिनचर्या भी हो, तो समस्या बढ़ सकती है। इसके लिए नियमित नींद, योग, ध्यान और मनपसंद गतिविधियों के लिए समय निकालना उपयोगी हो सकता है।

4. मोटापा और असंतुलित खानपान

शरीर का वजन अधिक होना हाई बीपी के जोखिम को बढ़ाता है। ज्यादा तला-भुना भोजन, अत्यधिक कैलोरी और कम फल-सब्जियां खाने से वजन बढ़ सकता है। संतुलित आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को शामिल करें। वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखने की कोशिश करें।

5. धूम्रपान और शराब का सेवन

धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। शराब का अधिक सेवन भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। इसलिए तंबाकू से दूरी बनाना और शराब से परहेज करना हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

हाई बीपी से बचने के लिए क्या करें?

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित जांच कराएं, नमक कम खाएं, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और पर्याप्त नींद लें। परिवार में हाई बीपी का इतिहास, बढ़ती उम्र, किडनी की बीमारी और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं।

यूपी सरकार के 2 बड़े फैसला, महिलाओं के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और आंगनबाड़ी कर्मियों से जुड़े दो प्रस्तावों को योगी सरकार ने मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की पात्र महिलाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल दिए जाएंगे। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अब हर साल दो की जगह तीन साड़ियां मिलेंगी।

1 .दिवाली और होली पर मिलेंगे मुफ्त सिलेंडर

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर रिफिल दो चरणों में उपलब्ध कराने की योजना है। पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2026 और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 तक चलेगा। इस योजना पर सरकार 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

लाभ पाने के लिए महिला का उज्ज्वला योजना का पात्र लाभार्थी होना जरूरी है। इसके साथ बैंक खाता आधार से जुड़ा होना और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना भी आवश्यक है। पात्रता की शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभ मिलेगा।

2 .आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी 3 साड़ियां

कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सालाना एक अतिरिक्त साड़ी देने का फैसला किया है। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां दी जाएंगी। इससे प्रदेश की करीब 3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार इस व्यवस्था पर 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अतिरिक्त साड़ी मिलने से कर्मियों को ड्यूटी के दौरान साफ-सुथरी वर्दी बनाए रखने में सुविधा होगी, खासकर तब जब नियमित कामकाज या मौसम के कारण कपड़े जल्दी गंदे हो जाते हैं।

दोनों योजनाओं पर खर्च होंगे 2,161.80 करोड़ रुपये

दोनों फैसलों को लागू करने के लिए सरकार कुल 2,161.80 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें मुफ्त एलपीजी रिफिल के लिए 2,142.78 करोड़ रुपये और आंगनबाड़ी कर्मियों की अतिरिक्त साड़ियों के लिए 19.02 करोड़ रुपये शामिल हैं। इन फैसलों के तहत एक ओर पात्र परिवारों के रसोई गैस खर्च में राहत देने की व्यवस्था है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी कर्मियों को कामकाज के लिए अतिरिक्त वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

योगी सरकार की नई योजना, व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार की उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के तहत करीब पांच लाख व्यापारियों को पुराने कर बकाये पर ब्याज और जुर्माने से राहत मिल सकती है। योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इसका उद्देश्य पुराने कर विवादों का निपटारा करना और व्यापारियों को बकाया चुकाने का अवसर देना है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

इस योजना के तहत व्यापारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना तीन महीने तक चलेगी और इसमें 31 दिसंबर 2025 तक के बकाया मामलों को शामिल किया गया है। लाभ पाने के लिए व्यापारियों को पहले मूल कर की पूरी राशि जमा करनी होगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार ब्याज और जुर्माने में छूट मिलेगी।

बकाये के हिसाब से मिलेगी छूट

योजना में बकाये की रकम के आधार पर राहत तय की गई है। 10 लाख रुपये तक के बकाये पर ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के मामलों में ब्याज पर 90 प्रतिशत और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी। एक से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 75 प्रतिशत, जबकि पांच करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इन दोनों श्रेणियों में जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।

पुराने कर विवादों के निपटारे पर जोर

योजना में बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर, वैट और प्रवेश कर समेत पुराने कानूनों के तहत बने बकाये शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान होगा और व्यापारियों को आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी। योजना का लाभ लेने से पहले व्यापारी पात्रता और आवेदन की अंतिम तारीख की जानकारी विभागीय पोर्टल से जरूर जांच लें।

यूपी सरकार का फैसला, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए योगी सरकार कृषि निवेश अनुदान के रूप में बड़ी धनराशि जारी करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देंगे। इस पहल से प्रदेश के करीब 9.18 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

डीबीटी के जरिए किसानों तक पहुंचेगी सहायता राशि

सरकार की ओर से फसल क्षति से प्रभावित किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सहायता का उद्देश्य आपदा से प्रभावित किसानों को खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद देना है।

बाढ़ और भारी बारिश से फसलों को हुआ नुकसान

प्रदेश के कई जिलों में बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। खासकर सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए चक्रवात के दौरान फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में 9 अक्टूबर तक 9 लाख 18 हजार 91 प्रभावित किसानों की पहचान की गई है।

पहले भी जारी की जा चुकी है सहायता राशि

प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार पहले भी कदम उठा चुकी है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, फसल क्षति के मद में जिलों को अग्रिम तौर पर 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वहीं, 1 लाख 29 हजार 326 किसानों को लगभग 78.75 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया जा चुका है।

इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और पशुहानि व मकान क्षति से प्रभावित परिवारों को भी सहायता उपलब्ध कराई गई है। इन मदों में कुल 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।

यूपी सरकार ने दी राहत, इन कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से नौकरी पर वापस लेने की मांग कर रहे कर्मचारियों को लेकर पावर कॉरपोरेशन ने सहमति जताई है। फैसले के तहत हटाए गए करीब 25 हजार कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने का रास्ता साफ हुआ है। इसके साथ ही अब आउटसोर्स कर्मियों को 55 साल के बजाय 60 वर्ष की उम्र तक काम करने का मौका मिल सकेगा।

फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा

इस मुद्दे पर रविवार को शक्ति भवन स्थित पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें प्रमुख सचिव ऊर्जा और पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद की मौजूदगी में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में तय हुआ कि पहले हटाए गए कर्मचारियों को उनकी सेहत और काम करने की क्षमता के आधार पर दोबारा नियुक्त किया जाएगा।

नियमों के अनुसार, 55 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारियों को पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। इसके अलावा उन्हें शपथ पत्र देकर बताना होगा कि वे नौकरी करने के इच्छुक हैं और काम करने में सक्षम हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंधों में भी बदलाव किया जाएगा।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

कर्मचारी संघ लंबे समय से छंटनी किए गए कर्मियों की वापसी और 55 वर्ष की उम्र में सेवा समाप्त करने के नियम में बदलाव की मांग कर रहा था। विभाग में करीब दो साल पहले तक लगभग 85 हजार आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें से 25 हजार से अधिक को धीरे-धीरे हटा दिया गया था।

बैठक के फैसले की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी संघ के सदस्यों ने खुशी जताई। राजधानी में कर्मचारियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया, वहीं बिजली उपकेंद्रों पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से दोबारा रोजगार पाने का इंतजार कर रहे थे।

रूस का बड़ा ऑफर, भारत के लिए खुशखबरी, चीन-पाक सन्न!

नई दिल्ली। भारत के T-90 टैंकों को आधुनिक बनाने के लिए रूस ने सहयोग की पेशकश की है। रूसी रक्षा कंपनी उरालवगोनजावोड के प्रमुख अलेक्जेंडर पोटापोव के मुताबिक, रूस भारतीय सेना के T-90 और पुराने T-72 टैंकों को अपग्रेड करने में मदद के लिए तैयार है। इस प्रक्रिया में यूक्रेन युद्ध के दौरान मिले अनुभवों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

नए हथियारों और मजबूत कवच से लैस

प्रस्तावित अपग्रेड में टैंकों के फायर कंट्रोल सिस्टम, इंजन और सुरक्षा कवच को बेहतर बनाने जैसे विकल्प शामिल हैं। इसका उद्देश्य टैंकों को आधुनिक युद्धक्षेत्र की चुनौतियों और एंटी-टैंक हथियारों जैसे खतरों से निपटने के लिए अधिक सक्षम बनाना है। हालांकि, इन बदलावों को लेकर अंतिम फैसला भारत सरकार के स्तर पर होना है।

T-14 आर्माटा पर भी रूस की नजर

रूस ने भारत के साथ भविष्य के टैंक के संयुक्त विकास में रुचि दिखाई है। इसके अलावा, उसने T-14 आर्माटा टैंक की खूबियों और उसके मॉड्यूलर डिजाइन का भी जिक्र किया है। इस टैंक में चालक दल के सदस्यों के लिए विशेष बख्तरबंद सुरक्षा कैप्सूल दिया गया है। हालांकि, भारत इस टैंक को खरीदने या इसके विकास में साझेदारी करने पर क्या फैसला लेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह प्रस्ताव?

T-90 भारतीय सेना के प्रमुख युद्धक टैंकों में शामिल है। ऐसे में इसके आधुनिक उपकरणों, मारक क्षमता और सुरक्षा में सुधार से सेना की क्षमता बढ़ सकती है। दूसरी ओर, रूस के साथ किसी नए रक्षा समझौते पर फैसला भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल रूस का यह प्रस्ताव सामने आया है, लेकिन इसे अंतिम रक्षा समझौता मानना जल्दबाजी होगी।

बिहार में बनेंगे 2 नए एयरपोर्ट, तैयारी शुरू, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में हवाई सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की परियोजनाओं पर तैयारी तेज हो गई है। सोनपुर और भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए करीब 7,373 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। इसके लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया का खाका तैयार किया गया है।

सोनपुर एयरपोर्ट के लिए 4,228 एकड़ जमीन

सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट के लिए लगभग 4,228 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए सोनपुर और दरियापुर अंचल के करीब 26 मौजों को चिह्नित किया गया है। परियोजना के दायरे में लगभग 14,224 रैयतों की जमीन आ सकती है।

वहीं, भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में प्रस्तावित अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए करीब 3,145 एकड़ जमीन जुटाने की योजना है। इस परियोजना में लगभग 14 मौजे और करीब 12 हजार रैयत प्रभावित हो सकते हैं।

जमीन खरीदने के लिए अपनाई जाएगी नीति

दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने में बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2020 के तहत पहले जमीन मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर खरीद को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि सहमति नहीं बनती है या जरूरी परिस्थितियां सामने आती हैं, तभी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जमीन की कीमत तय करने का काम संबंधित समितियां और सक्षम प्राधिकारी करेंगे। इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन भी किया जाना है। चिह्नित भूमि में कृषि क्षेत्र के साथ कुछ आबादी वाले हिस्से, बाग-बगीचे और अन्य संरचनाएं भी शामिल हैं।

कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद

इन दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के आगे बढ़ने से बिहार में हवाई संपर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जमीन जुटाने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही निर्माण की दिशा में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल परियोजनाओं के लिए भूमि की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

8वें वेतन आयोग के लिए खुशखबरी, दशहरा के तुरंत बाद होगा ये काम

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। आयोग अक्टूबर में अपनी बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ाने जा रहा है। दशहरा के तुरंत बाद 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में बैठक प्रस्तावित है। इसमें कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा कर वेतन और पेंशन से जुड़े सुझाव लिए जाएंगे।

वेतन-भत्तों पर जुटाए जाएंगे सुझाव

मुंबई में होने वाली बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों की मांगों और कामकाज से जुड़ी परिस्थितियों को समझना है। आयोग वेतन संरचना, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन और पेंशन जैसे मुद्दों पर संबंधित पक्षों की राय जुटाएगा।

इसके अलावा, आयोग के दौरे के दौरान सेंट्रल रेलवे के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को समझने की भी योजना है। इन सुझावों और आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।

अभी सैलरी बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं

आपको बता दें की आठवें वेतन आयोग का गठन पिछले साल किया गया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग में सदस्य-सचिव पंकज जैन और सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष भी शामिल हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को नए वेतनमान और पेंशन में बदलाव की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर या भत्तों को लेकर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है। मुंबई की बैठक से मिलने वाले सुझाव आयोग की सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगी 2 खुशखबरी, DA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस में होगा इजाफा!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार है। संभावित तौर पर इसमें 3 से 4 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। डीए बढ़ने पर कर्मचारियों की मासिक सैलरी के साथ ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

63 या 64 फीसदी हो सकता है DA

फिलहाल कर्मचारियों को 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। यदि इसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो डीए बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। वहीं, 4 प्रतिशत बढ़ोतरी होने पर यह 64 फीसदी तक पहुंच सकता है। डीए की गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर की जाती है।

ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी फायदा?

सातवें वेतन आयोग के तहत परिवहन भत्ते की मूल दर कर्मचारी के पे लेवल और शहर की श्रेणी पर निर्भर करती है। इस भत्ते पर भी डीए लागू होता है, इसलिए महंगाई भत्ते की दर बढ़ने पर इसकी राशि में भी इजाफा होता है। उदाहरण के लिए, पे लेवल 9 और उससे ऊपर के कर्मचारियों को X श्रेणी के शहरों में 7,200 रुपये और अन्य निर्धारित शहरों में 3,600 रुपये का मूल परिवहन भत्ता मिलता है।

अगर डीए 60 से बढ़कर 63 फीसदी होता है, तो इन कर्मचारियों के परिवहन भत्ते में डीए के कारण क्रमशः 216 रुपये और 108 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, डीए 64 फीसदी होने पर यह अतिरिक्त बढ़ोतरी क्रमशः 288 रुपये और 144 रुपये मासिक होगी।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

डीए में संभावित बढ़ोतरी से कर्मचारियों को वेतन के साथ परिवहन भत्ते में भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, बढ़ोतरी की वास्तविक दर और लागू होने की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल कर्मचारियों को फैसले का इंतजार है।

कल से मंगल का बदलेगा मिजाज, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल की चाल में बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल के तेज प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं, किन 4 राशियों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में मंगल का प्रभाव इस राशि के जातकों में आत्मविश्वास और काम करने की ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को नई योजनाओं पर काम करने की प्रेरणा मिल सकती है। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और रुके हुए कामों को पूरा करने की कोशिश सफल हो सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना फायदेमंद रहेगा। परिवार का सहयोग भी मनोबल बढ़ा सकता है।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, मंगल का प्रभाव इस राशि के लोगों के साहस और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर सकता है। नौकरी में बदलाव या कारोबार के विस्तार की योजना बना रहे लोगों को नए विकल्पों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आने वाला समय नए अवसरों की तलाश के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। नौकरी और कारोबार में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रख सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने से लाभ हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, इन लोगों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में पात्र परिवारों को दो बार मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को त्योहारों के दौरान रसोई गैस के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।

दो चरणों में मिलेगा मुफ्त सिलेंडर

सरकारी जानकारी के अनुसार, मुफ्त सिलेंडर रिफिल की सुविधा दो चरणों में दी जाएगी। पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 तक निर्धारित है। इस योजना पर राज्य सरकार करीब 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

लाभ पाने के लिए उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक होना और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना जरूरी है। पात्रता और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी संबंधित गैस एजेंसी से भी ली जा सकती है।

केंद्र सरकार भी देती है सब्सिडी

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी भी देती है। यह राशि निर्धारित नियमों के अनुसार मिलती है। राज्य सरकार की मुफ्त रिफिल सुविधा और केंद्र की सब्सिडी अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं।

नए कनेक्शन के लिए ऐसे करें आवेदन

जो महिलाएं अभी उज्ज्वला योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट pmuy.gov.in पर जाकर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल, भारत गैस या एचपी गैस में से किसी कंपनी का चयन किया जा सकता है। इच्छुक आवेदक संबंधित गैस एजेंसी में जाकर भी आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकती हैं।

ध्यान दें कि मुफ्त सिलेंडर की सुविधा मौजूदा उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए है। आवेदन करने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें।

अंडाशय कैंसर के ये 5 बड़े संकेत, महिलाएं न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। महिलाओं की सेहत से जुड़ी गंभीर बीमारियों में अंडाशय कैंसर यानी ओवेरियन कैंसर भी शामिल है। यह बीमारी अंडाशय की कोशिकाओं में शुरू होती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य पेट संबंधी परेशानियों जैसे लग सकते हैं। यही वजह है कि कई बार महिलाएं इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं। लगातार बने रहने वाले या बार-बार होने वाले लक्षणों को पहचानना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

अंडाशय कैंसर के 5 संभावित संकेत

1. पेट में लगातार सूजन या फूलना

अगर पेट बार-बार फूलता है, भारीपन रहता है या सूजन लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे मामूली समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। खासकर जब यह परेशानी नई हो और लगातार बढ़ रही हो, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।

2. पेट या पेल्विक हिस्से में दर्द

पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द, दबाव या असहजता महसूस होना भी एक संकेत हो सकता है। यदि दर्द बार-बार हो रहा है या बिना किसी स्पष्ट वजह के बना रहता है, तो चिकित्सकीय सलाह लें।

3. जल्दी पेट भर जाना

थोड़ा-सा खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होना या भूख में बदलाव आना ध्यान देने योग्य लक्षण हैं। यदि ऐसा लगातार हो रहा है और इसके साथ पेट फूलने जैसी परेशानी भी है, तो जांच कराना जरूरी है।

4. बार-बार पेशाब आने की समस्या

सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आना या अचानक तेज पेशाब लगना भी अंडाशय कैंसर से जुड़े संभावित लक्षणों में शामिल हो सकता है। हालांकि, ऐसा मूत्र संक्रमण और दूसरी समस्याओं के कारण भी हो सकता है।

5. पेट की आदतों में बदलाव

लगातार कब्ज, पेट में असहजता या मल त्याग की आदतों में बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि ये लक्षण नए हैं, बार-बार हो रहे हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये लक्षण दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बने रहें, बार-बार हों या आपके लिए असामान्य हों, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज के बाद असामान्य रक्तस्राव होने पर भी तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि कैंसर ही है, लेकिन सही कारण जानने के लिए जांच जरूरी है। 

खून बनाने की मशीन हैं ये 4 फूड्स, कमजोरी दूर करने में कर सकते हैं मदद

हेल्थ डेस्क। शरीर में खून की कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना और काम करने में मन न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हीमोग्लोबिन बनाने के लिए शरीर को आयरन, फोलेट, विटामिन बी12 और दूसरे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ऐसे में अनार, चुकंदर, पालक, तिल और कद्दू के बीज जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर को जरूरी पोषण दे सकते हैं।

1. अनार

अनार में कई तरह के विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह शरीर को पोषण देने और सेहत बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, अनार को आयरन का बहुत अधिक स्रोत नहीं माना जाता, इसलिए केवल इसे खाने से खून की कमी दूर होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसे संतुलित आहार के साथ शामिल करना बेहतर है।

2. चुकंदर

चुकंदर में फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह पौष्टिक सब्जी है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करती है। इसे सलाद, सब्जी या सीमित मात्रा में जूस के रूप में लिया जा सकता है। यह आयरन की कमी को भी दूर करता हैं।

3. पालक

पालक आयरन और फोलेट का अच्छा स्रोत है। ये दोनों पोषक तत्व लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। पालक को दाल, सब्जी या सूप के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ नींबू या अन्य विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।

4. तिल और कद्दू के बीज

तिल और कद्दू के बीजों में आयरन, प्रोटीन और अन्य खनिज पाए जाते हैं। इन्हें थोड़ी मात्रा में सलाद, दलिया या नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। नियमित और संतुलित खानपान के साथ ये शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मददगार हैं।

हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए आपका वजन? जानें सही वेट

हेल्थ डेस्क। अच्छी सेहत के लिए शरीर का वजन संतुलित होना जरूरी है। वजन बहुत कम या ज्यादा होने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक ही वजन सही नहीं होता। यह उसकी लंबाई, उम्र, शरीर की बनावट और मांसपेशियों पर भी निर्भर करता है। ऐसे में अपनी हाइट के अनुसार वजन का अंदाजा लगाने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) एक उपयोगी तरीका है।

हाइट के अनुसार कितना होना चाहिए वजन?

वयस्कों में BMI के आधार पर सामान्य वजन की एक अनुमानित सीमा निकाली जा सकती है। नीचे दिए गए आंकड़े 18.5 से 24.9 BMI के आधार पर हैं।

हाइट: सामान्य वजन की अनुमानित सीमा

5 फीट (152 सेमी): 43-58 किलो

5 फीट 2 इंच (157 सेमी): 46-61 किलो

5 फीट 4 इंच (163 सेमी): 49-66 किलो

5 फीट 6 इंच (168 सेमी): 52-70 किलो

5 फीट 8 इंच (173 सेमी): 55-75 किलो

5 फीट 10 इंच (178 सेमी): 59-79 किलो

6 फीट (183 सेमी): 62-83 किलो

ये आंकड़े वयस्कों के लिए अनुमानित हैं। केवल वजन देखकर सेहत का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।

वजन संतुलित रखने के लिए क्या करें?

संतुलित आहार लें, नियमित शारीरिक गतिविधि करें और पर्याप्त नींद लें। बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और अधिक मांसपेशियों वाले लोगों के लिए वजन का आकलन अलग तरीके से किया जा सकता है। BMI केवल शुरुआती संकेत देता है, यह अपने आप में स्वास्थ्य का पूरा पैमाना नहीं है।

बिहार में 4250 करोड़ से बन रहा 6 लेन पुल, 5 जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए शेरपुर-दिगवारा छह लेन पुल परियोजना पर काम चल रहा है। करीब 4,250 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से पटना और सारण के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इसके पूरा होने पर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिलने के साथ राजधानी पटना में ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

14.5 किलोमीटर लंबा होगा मार्ग

शेरपुर-दिगवारा परियोजना की कुल लंबाई लगभग 14.5 किलोमीटर बताई गई है। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने भी निर्माण कार्य को लेकर जानकारी साझा की है। छह लेन का यह संपर्क मार्ग क्षेत्र में यातायात क्षमता बढ़ाने और सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

30 किलोमीटर तक दूरी घटने की उम्मीद

परियोजना से शेरपुर और दीघवारा के बीच यात्रा की दूरी करीब 30 किलोमीटर तक कम होने का दावा किया जा रहा है। इससे लोगों का समय और ईंधन बच सकता है। हालांकि, वास्तविक दूरी और समय की बचत यात्रियों के शुरुआती और अंतिम स्थान पर निर्भर करेगी।

इस परियोजना से पांच जिलों के यात्रियों को फायदा

इस परियोजना से पटना और सारण के अलावा छपरा, सिवान, गोपालगंज और हाजीपुर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। सड़क संपर्क मजबूत होने से माल ढुलाई और क्षेत्रीय आवागमन को भी फायदा मिल सकता है।

परियोजना पूरी होने के बाद लंबी दूरी के कुछ वाहनों को पटना शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव घटाने में मदद मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना पूरी होने और यातायात शुरू होने की आधिकारिक तारीख की पुष्टि अभी जरूरी है।

यूपी में किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, कल से आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत अब किसानों को कृषि और उससे जुड़े कार्यों के लिए कम ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण मिल सकेगा। योजना के अंतर्गत पहले 11 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाले ऋण को घटाकर 6 प्रतिशत किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती और कृषि से जुड़े दूसरे कामों के लिए आसानी से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

पांच लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को की थी। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के माध्यम से इस योजना को लागू किया जा रहा है। अगले पांच वर्षों में पांच लाख किसानों को इसका लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के तहत कृषि ऋण पर सरकार की ओर से अनुदान देने के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। किसान प्रदेश में एलडीबी की 323 शाखाओं के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

योजना के लिए दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले लघु और सीमांत किसान पात्र होंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पात्र किसानों को अधिकतम छह लाख रुपये तक का ऋण पांच वर्ष की अवधि के लिए मिल सकता है। समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों से छह प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल खेती और उससे जुड़े पात्र कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इच्छुक किसान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा में संपर्क करके भी जानकारी ली जा सकती है।

आधिकारिक पोर्टल: https://mksyldb.in/

आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज, जमीन से संबंधित विवरण और बैंक की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध रखनी होगी। पात्रता, ऋण स्वीकृति और अन्य शर्तों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल या संबंधित बैंक शाखा से करना बेहतर रहेगा।

12 से 22 अक्टूबर तक बनेंगे शुभ योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के संकेत

राशिफल। अक्टूबर का मध्य ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए उम्मीदों और नए अवसरों का समय माना जा सकता है। 12 से 22 अक्टूबर के बीच करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन को लेकर कई राशियों के लिए सकारात्मक संभावना है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि खास रह सकती है।

1. वृषभ राशि: 

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का हो सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी मेहनत का लाभ मिलने की उम्मीद रह सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों या काम के अवसरों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना फायदेमंद रहेगा।

2. मिथुन राशि:

मिथुन राशि वालों के लिए 12 से 22 अक्टूबर के बीच कामकाज से जुड़ी नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को उपयोगी जानकारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए नए ग्राहकों से संपर्क बढ़ाने का समय हो सकता है। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

3. सिंह राशि: 

सिंह राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर बन सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत और सहयोग से काम आगे बढ़ सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार की संभावना के बीच अनावश्यक खर्चों से बचना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रह सकता है।

4. तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए यह अवधि साझेदारी और आपसी तालमेल पर ध्यान देने वाली हो सकती है। व्यापार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी समझौते से पहले शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है। परिवार में बातचीत से पुरानी गलतफहमियां दूर करने का प्रयास सफल हो सकता है।

5. मकर राशि:

मकर राशि के जातक इस दौरान अपने अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान दे सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ने या किसी नई परियोजना पर काम करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले भविष्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं। निवेश करने से पहले जोखिम का आकलन जरूर करें।

उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए BP? 20 से 60 साल तक के लोग जरूर जानें

हेल्थ डेस्क। ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप का सामान्य रहना अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। BP बहुत ज्यादा या लगातार कम रहने पर शरीर में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। खास बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती दौर में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए केवल उम्र या शारीरिक स्थिति देखकर BP का अंदाजा लगाने के बजाय समय-समय पर इसकी जांच कराना जरूरी है।

20 से 60 साल की उम्र में कितना होना चाहिए BP?

वयस्कों में सामान्य ब्लड प्रेशर का एक उपयोगी संदर्भ लगभग 120/80 mmHg से कम है। इसमें ऊपर की संख्या सिस्टोलिक और नीचे की संख्या डायस्टोलिक BP कहलाती है। सामान्य तौर पर वयस्कों के लिए उम्र के हर दशक के साथ BP की कोई अलग, तय सामान्य सीमा नहीं होती।

20 से 29 साल: लगभग 120/80 mmHg से कम BP अच्छा संदर्भ माना जाता है।

30 से 39 साल: इसी सामान्य सीमा को ध्यान में रखें और नियमित जांच कराएं।

40 से 49 साल: इस उम्र में भी BP 120/80 mmHg से कम होना एक उपयोगी संदर्भ है।

50 से 60 साल: उम्र बढ़ने के बावजूद बढ़े हुए BP को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ये आंकड़े सामान्य जानकारी के लिए हैं। BP की व्याख्या कई रीडिंग, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर की जाती है।

BP मापते समय इन बातों का रखें ध्यान

जांच से पहले कुछ मिनट आराम से बैठें। पीठ को सहारा दें, पैर जमीन पर रखें और बांह को हृदय के स्तर पर टिकाएं। जांच के दौरान बात न करें। सही तरीके से BP मापना और अलग-अलग दिनों की रीडिंग दर्ज करना उपयोगी होता है।

खुशखबरी का ऐलान! बिहार में महिलाओं के लिए 22 पदों पर भर्ती, 25 हजार मानदेय

बक्सर। बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए सरकारी नौकरी में आगे बढ़ने का मौका आया है। बक्सर जिले में महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) के 22 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती के लिए योग्य आंगनबाड़ी सेविकाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकती हैं। चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 25,000 रुपये का नियत मानदेय दिया जाएगा।

21 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन

समेकित बाल विकास परियोजना (ICDS) की जिला प्रोग्राम शाखा के माध्यम से यह भर्ती समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवार 21 अक्टूबर से 19 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदिका का बक्सर जिले की स्थायी निवासी होना जरूरी है।

किस वर्ग के लिए कितने पद?

कुल 22 पदों को अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें अनारक्षित वर्ग के 8, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 5, पिछड़ा वर्ग के 3, EWS के 2 और अनुसूचित जाति के 2 पद शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए एक-एक पद निर्धारित किया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का कम से कम मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। साथ ही, 1 जनवरी 2026 तक आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कम से कम 10 साल का कार्यकाल पूरा होना चाहिए। निर्धारित तारीख के अनुसार न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष रखी गई है। अधिकतम उम्र सीमा में 11 वर्ष की छूट का प्रावधान भी बताया गया है।

हर महीने मिलेगा 25 हजार रुपये मानदेय

चयनित महिला पर्यवेक्षिकाओं को 25,000 रुपये प्रतिमाह नियत मानदेय मिलेगा। इसके अलावा प्रति आंगनबाड़ी केंद्र 120 रुपये यात्रा भत्ता देय होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 9,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले बक्सर जिले की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित भर्ती पोर्टल पर जारी अधिसूचना पढ़ लें और पात्रता, दस्तावेजों तथा आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।

अनार के बीज फेंकने की न करें गलती! सेहत को मिल सकते हैं ये जबरदस्त फायदे

हेल्थ डेस्क। अनार को सेहत के लिए फायदेमंद फलों में गिना जाता है। इसके लाल-लाल दाने स्वादिष्ट होने के साथ कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। अक्सर लोग अनार खाते समय उसके रसदार दानों के अंदर मौजूद छोटे बीजों को लेकर उलझन में रहते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर अनार के बीज भी खाने योग्य होते हैं और इनमें फाइबर, वसा तथा अन्य उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में इन्हें बिना वजह फेंकने की जरूरत नहीं है।

1. पाचन को बेहतर बनाने में मददगार

अनार के बीजों में आहार फाइबर होता है, जो पाचन प्रक्रिया को सुचारु रखने में मदद करता है। संतुलित आहार के साथ फाइबर का सेवन आंतों की सेहत बनाए रखने और कब्ज से बचाव में सहायक हो सकता है।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

अनार में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। अनार को संतुलित खानपान का हिस्सा बनाना हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, केवल अनार खाने से हृदय रोगों का इलाज नहीं किया जा सकता।

3. शरीर को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व

अनार के बीजों में फाइबर और थोड़ी मात्रा में असंतृप्त वसा सहित कई पोषक तत्व होते हैं। ये संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।

4. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं। स्वस्थ जीवनशैली और पौष्टिक भोजन के साथ इनका सेवन शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सहारा दे सकता है।

5. वजन नियंत्रित रखने में सहायक

अनार के दानों में फाइबर और पानी होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में इसे फल के रूप में खाना संतुलित आहार का अच्छा विकल्प है। हालांकि, वजन कम करने के लिए केवल किसी एक फल पर निर्भर रहना सही नहीं है।

एक के बाद एक खुशखबरी! बिहार में 3 बड़ी भर्ती का मौका, जानें योग्यता और तारीख

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कई भर्ती प्रक्रियाएं सामने आई हैं। शिक्षक बनने से लेकर पशु चिकित्सा और मत्स्य विभाग में नौकरी पाने तक का मौका मिल रहा है।  इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना जरूर जांच लें।

1. बिहार शिक्षक भर्ती में 32 हजार से ज्यादा पद

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत 32,388 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। ये पद बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षकों के हैं। आवेदन की प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होने और 26 अक्टूबर 2026 तक चलने का कार्यक्रम बताया गया है। उम्मीदवार आवेदन से पहले पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें।

आधिकारिक वेबसाइट: bpsc.bihar.gov.in

2. BTSC में टूरिंग वेटरनरी ऑफिसर के पद

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अंतर्गत टूरिंग वेटरनरी ऑफिसर और समकक्ष पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं। पशु चिकित्सा से संबंधित योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती की शर्तें और जरूरी प्रमाणपत्रों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन से प्राप्त करनी चाहिए।

आधिकारिक वेबसाइट: btsc.bihar.gov.in

3. मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पद

BTSC ने मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अवधि 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। संबंधित विषय में शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पद की पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।

आधिकारिक वेबसाइट: btsc.bihar.gov.in

दुनिया की नजर भारत पर! ग्लोबल इकोनॉमी में बढ़ा दबदबा, अमेरिका-चीन सन्न

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक विकास दर मजबूत रहने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र की व्यापार और विकास संस्था UNCTAD के मुताबिक, भारत 2026 में 7.3 फीसदी की अनुमानित विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन सकता है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका अहम मानी जा रही है।

2026 में ग्लोबल ट्रेड में कितनी होगी बढ़ोतरी?

UNCTAD की 2026 ट्रेड एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक व्यापार का मूल्य रिकॉर्ड 35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। वास्तविक व्यापार में 4.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, 2026 में वैश्विक व्यापार के करीब 4 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।

हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में भी गिरावट देखी गई है, जबकि पूर्वी एशिया के देशों ने दूसरे बाजारों के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाए हैं।

AI और टेक्नोलॉजी से बदल रहा कारोबार

रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख कारक बताया गया है। डेटा सेंटर और एडवांस कंप्यूटिंग उपकरणों की बढ़ती मांग से टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इसका लाभ सभी देशों को समान रूप से नहीं मिल रहा है। कुछ अर्थव्यवस्थाएं इस बदलाव से ज्यादा फायदा उठा रही हैं, जबकि अन्य देश निवेश और तकनीकी संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट?

UNCTAD के अनुमान के मुताबिक, 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.6 फीसदी रह सकती है, जो 2025 के 2.9 फीसदी से कम है। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर भी 2025 के 4.7 फीसदी के मुकाबले घटकर 4 फीसदी रहने का अनुमान है।

ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित 7.3 फीसदी की विकास दर उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील एशिया में भारत के साथ चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर भी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। हालांकि, वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं और निवेश से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत के लिए विकास की इस रफ्तार को बनाए रखना अहम होगा।

यूपी में बनेंगी ये 13 सड़कें, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और भारी वाहनों की आवाजाही आसान बनाने के लिए करीब 290.50 करोड़ रुपये की 13 सड़क परियोजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इन सड़कों के निर्माण से औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

चुर्क में बनेंगी दो अहम सड़कें

योजना के तहत चुर्क सीमेंट फैक्ट्री लिंक रोड और चुर्क-भिलाई बंधी मार्ग को बेहतर बनाने का प्रस्ताव है। इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा किरहुलिया से महुली विहार सीमा और चेरुई से मारकुंडी जूनियर हाईस्कूल तक सड़क निर्माण की योजना भी शामिल है।

पटवध-बसुहारी मार्ग के लिए 58.88 करोड़ रुपये और खड़िया से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग तक सड़क बनाने के लिए 23 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही बर्दिया लिंक रोड, बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र और अन्य औद्योगिक संपर्क मार्गों को भी योजना में जगह दी गई है।

डाला और ओबरा में भी कनेक्टिविटी

डाला क्षेत्र में दो सड़क परियोजनाओं के लिए भी प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं, नधिरा से बखिरवा तक सड़क निर्माण और ओबरा की एक अन्य सड़क को बेहतर बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास की बस्तियों के बीच संपर्क मजबूत करना है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, चार प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि एक अन्य प्रस्ताव प्रक्रिया में है। बाकी परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर होनी है। इन योजनाओं के पूरा होने पर सोनभद्र में परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।