रूस ने भारत को फिर दिया बड़ा ऑफर, चीन के उड़े होश!

नई दिल्ली: भारत और रूस के रक्षा सहयोग में लड़ाकू विमानों को लेकर एक नई संभावना सामने आई है। रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के Su-57E स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने के साथ देश में ही इनके निर्माण का प्रस्ताव दिया है। इस योजना के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक प्लांट में उत्पादन शुरू करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।

140 लड़ाकू विमानों की खरीद चाहता है रूस

रिपोर्टों के मुताबिक, रूस चाहता है कि भारत करीब 140 Su-57E विमानों का ऑर्डर दे, ताकि स्थानीय उत्पादन से जुड़ी लागत की भरपाई हो सके। प्रस्ताव में सिंगल-सीटर और ट्विन-सीटर, दोनों तरह के विमानों का विकल्प शामिल बताया गया है। हालांकि, भारत की ओर से इस बड़े ऑर्डर पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

भारत में निर्माण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर

रूस ने विमान के स्थानीय उत्पादन के लिए लगभग 60 प्रतिशत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) की पेशकश किए जाने की बात कही है। इसके अलावा, मिशन कंप्यूटर और रडार के सोर्स कोड तक पहुंच देने का प्रस्ताव भी रिपोर्टों में सामने आया है। इससे भारत को अपने हथियारों और स्वदेशी प्रणालियों को विमान के साथ जोड़ने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है।

ट्विन-सीटर विमान पर भी नजर

ट्विन-सीटर Su-57 वेरिएंट में दूसरे क्रू सदस्य को हथियार प्रणालियों के संचालन और ड्रोन से जुड़े मिशनों में भूमिका देने की संभावना है। यह भविष्य के नेटवर्क आधारित युद्ध अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल भारत की ओर से Su-57E के स्थानीय उत्पादन और 140 विमानों की खरीद पर अंतिम सहमति की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि भारतीय वायुसेना की जरूरतों, लागत और तकनीकी शर्तों के आधार पर इस प्रस्ताव पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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