राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में मंडी परिसरों के हर हिस्से की सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। लंबे समय से जमा कचरे को हटाने, बंद नालियों को साफ करने और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सफाई ठेकेदारों को अपने कर्मचारियों की मदद से विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
नीलामी स्थलों से लेकर शौचालयों तक होगी सफाई
मंडियों में किसानों की उपज की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल होने वाले नीलामी चबूतरों, दुकानों और उनके आसपास की नालियों की सफाई कराई जाएगी। जहां नमी और गंदगी की समस्या अधिक है, वहां कचरा हटाने के बाद जरूरत के अनुसार चूने का छिड़काव भी किया जाएगा।
इसके साथ ही शौचालयों, यूरिनल और प्रसाधन स्थलों की साफ-सफाई के साथ पानी की आपूर्ति तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर रहेगा। किसान विश्राम गृहों और मंडी कार्यालयों की सफाई तथा रखरखाव भी अभियान का हिस्सा होगा।
धान की आवक के दौरान यातायात व्यवस्था पर भी जोर
दरअसल, अक्टूबर में धान और अन्य कृषि उत्पादों की आवक बढ़ने के साथ त्योहारों के कारण मंडियों में आवाजाही भी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए परिवहन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज लेकर आने-जाने में अनावश्यक परेशानी न हो।
मंडी परिसरों में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों वाले स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। काम पूरा होने के बाद बची निर्माण सामग्री और मलबे को भी हटवाया जाएगा। इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य मंडियों में स्वच्छता, बेहतर रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना है।
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