किसानों को मिलने वाली 5 प्रमुख सुविधाएं
1. करीब 12 लाख क्विंटल बीज वितरण: कृषि विभाग की योजना के तहत सबसे अधिक 10.45 लाख क्विंटल गेहूं के बीज बांटने का लक्ष्य है। इसके अलावा चना, मसूर और मटर के बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
2. मसूर के बीज पर 100% अनुदान: निर्धारित नियमों के अनुसार, आठ वर्ष से कम अवधि वाली मसूर की प्रजातियों के बीज पर पूरी सब्सिडी देने का प्रावधान बताया गया है। अन्य पात्र प्रजातियों पर भी अलग-अलग दरों से अनुदान मिल सकता है।
3. गेहूं, चना और सरसों पर सब्सिडी: गेहूं, जौ, चना, मटर, तोरिया और राई-सरसों जैसी फसलों के बीज पर भी निर्धारित शर्तों के तहत अनुदान दिया जाएगा। किसानों को बीज खरीदने से पहले अपने जिले के कृषि विभाग से पात्रता और सब्सिडी की जानकारी लेनी चाहिए।
4. खाद की उपलब्धता पर जोर: सरकार ने यूरिया, डीएपी और एनपीके समेत जरूरी उर्वरकों की आपूर्ति पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बुवाई के समय किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
5. फसल नुकसान पर मुआवजा: महोबा, जालौन, ललितपुर, झांसी और चित्रकूट जैसे जिलों में फसल नुकसान से जुड़े मामलों का सर्वे तेज करने और पात्र किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
किसान बीज अनुदान और मिनीकिट से संबंधित जानकारी के लिए अपने ब्लॉक के कृषि विभाग, कृषि कार्यालय या संबंधित सरकारी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन, दस्तावेज और अनुदान की पात्रता योजना के नियमों के अनुसार तय होगी।
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