496 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च का अनुमान
इस रेल परियोजना पर करीब 496.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन ने जमीन और उससे जुड़े संभावित खर्च का ब्योरा रेलवे को भेज दिया है। रेलवे की मंजूरी के बाद मुआवजे और सरकारी जमीन के हस्तांतरण से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
दो स्टेशन, पुल और अंडरब्रिज भी बनेंगे
प्रस्तावित रेल लाइन के तहत सोनो और बटिया में दो स्टेशन बनाने की योजना है। इसके अलावा पांच रेलवे ओवरब्रिज, चार अंडरब्रिज और करीब 49 पुल-पुलियों के निर्माण का प्रस्ताव है। इससे रेल परिचालन और रास्तों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
आसपास के क्षेत्रों को भी होगा फायदा
झाझा-बटिया रेल लाइन बनने से जमुई और आसपास के इलाकों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इससे बांका, नवादा और झारखंड की ओर यात्रा करने वाले लोगों को भी संभावित लाभ मिल सकता है।
फिलहाल परियोजना की आगे की प्रगति जमीन अधिग्रहण और रेलवे की मंजूरी जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। जानकारी के अनुसार, सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो वित्तीय वर्ष 2027-28 में ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो सकता है।

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