2026 में ग्लोबल ट्रेड में कितनी होगी बढ़ोतरी?
UNCTAD की 2026 ट्रेड एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक व्यापार का मूल्य रिकॉर्ड 35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। वास्तविक व्यापार में 4.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, 2026 में वैश्विक व्यापार के करीब 4 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।
हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में भी गिरावट देखी गई है, जबकि पूर्वी एशिया के देशों ने दूसरे बाजारों के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाए हैं।
AI और टेक्नोलॉजी से बदल रहा कारोबार
रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख कारक बताया गया है। डेटा सेंटर और एडवांस कंप्यूटिंग उपकरणों की बढ़ती मांग से टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इसका लाभ सभी देशों को समान रूप से नहीं मिल रहा है। कुछ अर्थव्यवस्थाएं इस बदलाव से ज्यादा फायदा उठा रही हैं, जबकि अन्य देश निवेश और तकनीकी संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट?
UNCTAD के अनुमान के मुताबिक, 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.6 फीसदी रह सकती है, जो 2025 के 2.9 फीसदी से कम है। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर भी 2025 के 4.7 फीसदी के मुकाबले घटकर 4 फीसदी रहने का अनुमान है।
ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित 7.3 फीसदी की विकास दर उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील एशिया में भारत के साथ चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर भी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। हालांकि, वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं और निवेश से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत के लिए विकास की इस रफ्तार को बनाए रखना अहम होगा।

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