कभी-कभार ऐसा होना सामान्य है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा है, तो इसके पीछे मांसपेशियों पर अधिक दबाव, कुछ दवाओं का असर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पोषक तत्वों की कमी भी कुछ मामलों में इसकी वजह बन सकती है।
1. मैग्नीशियम की कमी
मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या हो सकती है। हालांकि, रात में पैर की ऐंठन होने का मतलब यह नहीं कि शरीर में मैग्नीशियम की कमी ही है।
2. पोटैशियम का कम स्तर
पोटैशियम शरीर में मांसपेशियों के संकुचन और नसों के संकेतों को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसका स्तर कम होने पर कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। उल्टी, दस्त या कुछ दवाओं के कारण भी पोटैशियम का स्तर गिर सकता है।
3. कैल्शियम की कमी
कैल्शियम मांसपेशियों के सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है। शरीर में इसका स्तर बहुत कम होने पर मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं की जा सकती।
4. विटामिन डी की कमी
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द हो सकता है। लेकिन रात में पैर चढ़ने और विटामिन डी की कमी के बीच सीधा संबंध हर व्यक्ति में साबित नहीं होता।
5. विटामिन बी12 की कमी
विटामिन बी12 नसों के स्वास्थ्य और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि पैर में ऐंठन के साथ ये परेशानियां भी हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

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