1. पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना
मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव होना या पीरियड्स बंद होने के बाद दोबारा खून आना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है। खासकर मेनोपॉज के बाद होने वाली किसी भी तरह की योनि से ब्लीडिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से जल्द संपर्क करें।
2. सामान्य से ज्यादा या लंबे समय तक ब्लीडिंग
यदि पीरियड्स के दौरान पहले से ज्यादा खून आ रहा है या रक्तस्राव सामान्य से अधिक दिनों तक बना रहता है, तो इसकी जांच कराना जरूरी है। हार्मोन में बदलाव समेत कई कारण ऐसी परेशानी पैदा कर सकते हैं, लेकिन असामान्य रक्तस्राव की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
3. पेट के निचले हिस्से या पेल्विक में दर्द
पेट के निचले हिस्से, कमर या पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द और दबाव महसूस होना भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। यदि दर्द बार-बार हो रहा है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
4. असामान्य योनि स्राव
योनि से सामान्य से अलग स्राव होना, विशेषकर यदि उसमें खून मिला हो या मेनोपॉज के बाद ऐसा बदलाव दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्राव में बदलाव संक्रमण सहित कई वजहों से हो सकता है, इसलिए केवल लक्षण के आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
5. बिना वजह वजन घटना और कमजोरी
यदि खानपान या व्यायाम में बदलाव किए बिना वजन घटने लगे और लगातार थकान या कमजोरी महसूस हो, तो इसकी वजह की जांच कराना जरूरी है। ये लक्षण कई स्वास्थ्य समस्याओं में दिखाई दे सकते हैं और अपने आप में गर्भाशय कैंसर की पुष्टि नहीं करते।
कब करानी चाहिए जांच?
गर्भाशय कैंसर के लक्षणों को समय पर पहचानना महत्वपूर्ण है। असामान्य ब्लीडिंग, मेनोपॉज के बाद रक्तस्राव या लगातार पेल्विक दर्द होने पर डॉक्टर से जल्द सलाह लें। बीमारी की पुष्टि के लिए चिकित्सक लक्षणों के अनुसार शारीरिक जांच, अल्ट्रासाउंड या जरूरत पड़ने पर अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
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