श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पंजीकरण की व्यवस्था को सुचारु बनाने पर जोर दिया।
शिविरों में मौके पर होगा पंजीकरण
निर्देशों के मुताबिक, विशेष शिविरों में जिला स्तर के ऑपरेटर भी तैनात किए जाएंगे, ताकि श्रमिकों का पंजीकरण मौके पर ही किया जा सके। शिविरों के आयोजन से जुड़ी जानकारी विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया है। इससे श्रमिकों को पंजीकरण के लिए अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
भुगतान के लिए डिजिटल विकल्पों पर जोर
बैठक में श्रमिकों के लिए भुगतान की सुविधा बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नकद और कार्ड के साथ यूपीआई के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
बाल श्रम रोकने और पुनर्वास पर भी ध्यान
विभाग ने बाल श्रम में लगे बच्चों को मुक्त कराने और उनके पुनर्वास को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने और पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
सरकार की इस पहल से श्रमिकों का पंजीकरण बढ़ाने और उन्हें उपलब्ध योजनाओं तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, शिविरों की तारीख, स्थान और पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन या विभागीय सूचना से प्राप्त करनी चाहिए।

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