1. मल में खून आना
मल त्याग के दौरान खून दिखना या मल का असामान्य रूप से गहरा होना एक अहम चेतावनी संकेत हो सकता है। इसकी वजह बवासीर या अन्य आंत संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, लेकिन खून आने पर इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
2. मल त्याग की आदतों में बदलाव
अगर अचानक कब्ज या दस्त की समस्या होने लगे, बार-बार शौच जाना पड़े या मल त्याग की आदतों में बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर तब, जब यह बदलाव पहले की सामान्य दिनचर्या से अलग हो।
3. पेट में लगातार दर्द या ऐंठन
पेट में बार-बार दर्द, ऐंठन, गैस या पेट फूलने की परेशानी कई कारणों से हो सकती है। लेकिन यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
4. बिना कोशिश के वजन घटना
बिना डाइट में बदलाव या व्यायाम बढ़ाए वजन कम होना किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। यदि वजन लगातार घट रहा है और इसकी स्पष्ट वजह समझ नहीं आ रही, तो जांच कराने में देरी न करें।
5. लगातार थकान और कमजोरी
लगातार थकान, कमजोरी, सांस फूलना या चक्कर आना शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया से जुड़ा हो सकता है। कभी-कभी आंत से लंबे समय तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खून बहने के कारण भी एनीमिया हो सकता है। ऐसे लक्षणों की वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
कब करानी चाहिए जांच?
यदि मल में खून आए, मल त्याग की आदतों में लगातार बदलाव हो, पेट दर्द बना रहे या बिना वजह वजन घटे, तो डॉक्टर से सलाह लें। लक्षण गंभीर हों या तेजी से बढ़ रहे हों, तो जल्द चिकित्सा सहायता लें। परिवार में कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास होने या अन्य जोखिम कारक मौजूद होने पर स्क्रीनिंग के सही समय के बारे में भी डॉक्टर से चर्चा करनी चाहिए।
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