अब ग्राम पंचायतों की बढ़ेगी भूमिका
सरकार के फैसले के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को लेकर ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग और ग्राम पंचायतों के कामकाज की जिम्मेदारियां नए सिरे से तय की जाएंगी। खास बात यह है कि गांवों में नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू होने के बाद उसके रखरखाव में ग्राम पंचायतों की भूमिका बढ़ाई जाएगी।
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेयजल योजना शुरू होने के बाद उसकी नियमित निगरानी और देखभाल भी होती रहे। इससे संबंधित विभागों और पंचायतों के बीच जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गांवों में पानी की व्यवस्था पर रहेगा जोर
ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक चालू रखना भी जरूरी है। इसी जरूरत को देखते हुए नीति में संशोधन किया जा रहा है। सरकार का जोर योजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है।
हालांकि, संशोधित नीति के तहत ग्राम पंचायतों को कौन-कौन से विशिष्ट कार्य सौंपे जाएंगे, रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था क्या होगी और नए नियम कब से लागू होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। लेकिन ये फैसला गांव वालों के लिए खुशखबरी से कम नहीं हैं।

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