खबर के अनुसार औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड का यह मामला साल 2013 का है। शिक्षा विभाग के राज्य अपीलीय प्राधिकार ने इन शिक्षकों की नियुक्ति को धोखाधड़ी और जालसाजी माना है। साथ ही साथ इन अवैध नियुक्तियों के लिए बीडीओ और बीईओ को जिम्मेदार मानते हुए उनपर भी कारवाई के आदेश दिए हैं।
आपको बता दें की इससे पहले राज्य अपीलीय प्राधिकार ने नालंदा के 22 और सहरसा के 5 शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध मानते हुए उन्हें नौकरी से हटाने का आदेश दिया था। इसतरह से बिहार के इन जिलों में कुल 51 फर्जी शिक्षकों को छुट्टी कर दी गई हैं।
इतना ही नहीं विभाग ने अपने आदेश में कहा है की इनके वेतन का कोई बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि कुछ भुगतान किया गया है तो जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इनके वेतन की भी वसूली की जाएगी। विभाग के इस आदेश से हड़कंप मच गया हैं।
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