हालांकि, चीन के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट जे-20 की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुल गई है। कई जानकार कहते हैं की यह विमान कहने को पांचवीं पीढ़ी का है, जबकि सच्चाई यह है कि जे-20 भारत के राफेल लड़ाकू विमान से मुकाबला कमजोर हैं।
बता दें की चीन अपने J-20 को अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के जेट, F-22 और F-35 के प्रतिस्पर्धी के रूप में चित्रित करता रहा है। लेकिन भारत के पूर्व एयर चीफ मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ के एक बयान से चीन के इस फाइटर जेट की पोल खुल गई थी।
उन्होंने कहा था की एक उड़ान पर तैनात भारतीय सु-30एमकेआई ने तिब्बत के ऊपर उड़ रहे जे-20 को ट्रैक करने में कामयाबी हासिल की थी। बिरेंदर सिंह धनोआ के बयान से ये साबित होता है की चीन अपने जे-20 को पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट बताता हैं वो खोखला हैं।

0 comments:
Post a Comment