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8वें वेतन आयोग: क्या जूनियर कर्मचारी को मिलेगा बड़ा फायदा?

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है। इस फैसले का असर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, पेंशन, भत्तों और महंगाई भत्ते (DA) पर पड़ेगा। अनुमान है कि इस बदलाव से लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

क्या अभी बढ़ेगी सैलरी?

सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में फिलहाल तुरंत कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। आमतौर पर आयोग की रिपोर्ट तैयार होने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही वेतन में बदलाव लागू होता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है?

फिटमेंट फैक्टर पुराने वेतन को नए वेतन में बदलने का गुणांक होता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। 8वें वेतन आयोग के लिए संभावित रेंज 1.83 से 2.57 के बीच बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यही फैक्टर तय करेगा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी व पेंशन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी।

जूनियर कर्मचारियों को ज्यादा फायदा?

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जूनियर स्तर के कर्मचारियों (लेवल 1 से 5) को काफी लाभ होने की संभावना है। हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक वेतन वृद्धि की घोषणा नहीं की है, लेकिन वर्तमान में चल रहे प्रस्तावों और विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर सबसे ज्यादा लाभ इन कर्मचारियों को मिल सकता हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के लिए संभावित रेंज 1.83 से 2.57 के बीच रखा जा सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.15 रखा जाता है, तो लेवल 1 (जूनियर) कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹38,700 हो सकता है। जूनियर कर्मचारियों के मूल वेतन में 30% से 34% तक की वृद्धि देखी जा सकती है। वेतन में होने वाली वृद्धि काफी हद तक फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। 

भारत ने किया दो प्रलय मिसाइलों का टेस्ट, दुनिया हैरान!

नई दिल्ली। भारत ने वर्ष के अंतिम दिन अपनी रक्षा क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दुनिया का ध्यान खींचा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से एक ही लॉन्चर के जरिए लगातार दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण न केवल तकनीकी दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि भारतीय सेनाओं की परिचालन तैयारियों को भी नई मजबूती देता है।

यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का अहम चरण

डीआरडीओ के अनुसार यह परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का हिस्सा था, यानी इसे वास्तविक सैन्य जरूरतों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंजाम दिया गया। दोनों मिसाइलों ने तय किए गए रास्ते का पूरी तरह पालन किया और सभी निर्धारित उड़ान उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

एक ही लॉन्चर से दो मिसाइलें: बड़ी उपलब्धि

एक ही लॉन्चर से कम समय के अंतराल में दो मिसाइलों का सफल प्रक्षेपण भारत की सैन्य तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे यह साबित होता है कि यह सिस्टम तेज प्रतिक्रिया और मल्टी-टारगेट क्षमता के लिए पूरी तरह तैयार है, जो आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में बेहद जरूरी है।

क्या है इस प्रलय मिसाइल की बड़ी ताकत

प्रलय एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 150 से 500 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह मिसाइल दुश्मन के रडार स्टेशन, कमांड और कंट्रोल सेंटर, एयरबेस और रनवे जैसे रणनीतिक ठिकानों पर बेहद सटीक हमला करने में सक्षम है। प्रलय 500 से 1,000 किलोग्राम तक का पारंपरिक वॉरहेड ले जा सकती है, जिससे इसकी विनाशक क्षमता और भी बढ़ जाती है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

प्रलय मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। यह भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने और विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक अहम कदम है। डीआरडीओ के इस प्रयास से न केवल देश की सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी नई गति मिलती है।

खुशखबरी की सौगात: यूपी में कांस्टेबल के पदों पर भर्ती शुरू

लखनऊ। नए साल से पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। यूपी पुलिस ने सरकारी नौकरी का बड़ा पिटारा खोलते हुए कांस्टेबल के हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे उन लाखों युवाओं को राहत और उम्मीद मिली है, जो लंबे समय से पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे थे।

32,679 पदों पर सीधी भर्ती

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के तहत कुल 32,679 पदों के लिए आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 30 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन कहां और कैसे करें

उम्मीदवारों को आवेदन के लिए यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाना होगा। आवेदन करने से पहले सभी अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराना अनिवार्य है। बिना OTR के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरा आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और उम्मीदवारों को किसी तरह की परेशानी न हो।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो पुरुष उम्मीदवार: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष, महिला उम्मीदवार: अधिकतम आयु 28 वर्ष, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी मिलेगा।

अन्य पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया जारी

कांस्टेबल भर्ती के अलावा यूपी पुलिस में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और उपनिरीक्षक (लेखा) के कुल 537 पदों पर भी सीधी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 दिसंबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 19 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। इन भर्तियों के लिए भी OTR पंजीकरण जरूरी है।

2026 में रहेगा सूर्य का राज: इन 5 राशियों के लिए गोल्डन टाइम

राशिफल। 2026 का साल ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए विशेष अवसर और सफलता लेकर आने वाला है। इस साल सूर्य ग्रह अपनी मजबूत स्थिति में रहेगा, जो भाग्य, करियर और व्यक्तिगत विकास में सकारात्मक बदलाव लाएगा। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में जिनके लिए यह समय बेहद लाभकारी रहने वाला है।

1. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए 2026 में सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक शक्तिशाली रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारियों और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। इस साल धन लाभ और सम्मान भी बढ़ने की संभावना है। शिक्षा और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है।

2. मकर राशि

मकर राशि वाले लोगों के लिए यह साल आर्थिक और पेशेवर दृष्टि से बेहद फलदायी रहेगा। निवेश और व्यापार में लाभ होगा। सूर्य की कृपा से स्वास्थ्य और मनोबल भी मजबूत रहेगा।

3. धनु राशि

धनु राशि के लिए 2026 में यात्रा, शिक्षा और नए अवसरों का साल रहेगा। नए मित्र और सहयोगी मिल सकते हैं जो भविष्य में करियर में मदद करेंगे। व्यक्तिगत जीवन में भी सुखद बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए सूर्य का प्रभाव परिवार और संपत्ति के मामलों में लाभ देगा। घर में सुख-शांति बनी रहेगी और व्यवसाय में लाभ की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस साल कई बड़े निर्णय सफल होंगे।

5. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह साल स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और नई योजनाओं के लिए अच्छा रहेगा। शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं। व्यक्तिगत संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे।

यूपी में नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, इन जिलों को खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से सड़क और कनेक्टिविटी की समस्याओं से जूझ रहे गाजीपुर, बलिया और आसपास के जिलों में अब नई उम्मीद जग गई है। सरकार ने इस क्षेत्र में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय लिया है, जो न सिर्फ इन जिलों को तरक्की की राह देगा बल्कि बिहार के छपरा, पटना और बक्सर से बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगा।

यह एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़कर क्षेत्र की सड़क सुविधाओं को नई दिशा देगा। परियोजना न केवल यातायात सुगमता बढ़ाएगी बल्कि नौकरी और आर्थिक अवसरों के नए द्वार भी खोलेगी। इससे पूर्वी यूपी और बिहार के बीच व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।

परियोजना का विवरण

एक्सप्रेस-वे का मार्ग गाजीपुर से बलिया और बिहार की सीमा तक जाएगा।

कुल लंबाई: 134.3 किमी

अनुमानित बजट: 5320 करोड़ रुपये

प्रमुख स्थान: एनएच-29 पर हृदयपुर गांव, छपरा-मांझी एनएच-19 क्रॉस, रिविलगंज बाईपास से बिहार सीमा तक।

पूर्वांचल के लिए फायदे

बेहतर कनेक्टिविटी – यूपी के पूर्वी जिलों से बिहार के प्रमुख शहरों तक आसान और तेज़ मार्ग।

रोजगार सृजन – निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर।

व्यापार और निवेश – एक्सप्रेस-वे के माध्यम से क्षेत्र में उद्योग और व्यवसाय के नए अवसर खुलेंगे।

समय और लागत की बचत – लंबी दूरी के सफर में समय और परिवहन लागत में कमी।

पूर्वांचल के इन जिलों में गरीबी और पिछड़ेपन की समस्या लंबे समय से रहती आई है। यह एक्सप्रेस-वे विकास और तरक्की का नया मार्ग साबित होगा, जिससे न सिर्फ सड़क संपर्क बेहतर होगा बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। परियोजना निदेशक एसके पाठक के अनुसार साल के अंत तक परियोजना को पूर्ण कर दिया जाएगा।

यूपी के किसानों की लगी लॉटरी! सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। नया साल 2026 उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर अनुदान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को ट्रैक्टर खरीदने पर करीब 3 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत घटेगी और कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल बढ़ेगा।

डिजिटल प्रक्रिया से होगी पूरी योजना

इस योजना को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और किसी तरह की दलाली या अनियमितता की गुंजाइश न रहे। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तय की गई है। सरकार ने साफ किया है कि तय समय के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए इच्छुक किसानों को समय रहते आवेदन करना जरूरी है।

कहां और कैसे करें आवेदन

ट्रैक्टर अनुदान योजना के लिए आवेदन केवल agriculture.up.gov.in पोर्टल के माध्यम से ही किया जा सकता है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन अनिवार्य होगा। सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि अंतिम दिनों का इंतजार न करें, क्योंकि सर्वर या इंटरनेट की समस्या के कारण आवेदन में दिक्कत आ सकती है।

चयन की प्रक्रिया कैसे होगी

आवेदन के बाद लाभार्थियों का चयन जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता जिले के उपायुक्त करेंगे। चयन प्रक्रिया के दौरान किसान की पात्रता, जाति प्रमाण पत्र, भूमि दस्तावेज और खेती की स्थिति की पूरी जांच की जाएगी। केवल वे किसान जो सभी शर्तों को पूरा करेंगे, उन्हें ही योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

सबसे अहम दस्तावेज क्या है

इस योजना के लिए लेखपाल की रिपोर्ट सबसे जरूरी दस्तावेज मानी गई है। यह रिपोर्ट कृषि विभाग के तय प्रोफार्मा पर तैयार होगी, जिसमें किसान की भूमि, खेती की स्थिति, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इस रिपोर्ट को ऑनलाइन आवेदन के साथ अपलोड करना अनिवार्य है। इसके बिना आवेदन अधूरा माना जाएगा।

अलसी है देसी सुपरफूड, जो रखे 10 बीमारी को दूर

हेल्थ डेस्क। आज के समय में जब लोग महंगे सप्लीमेंट और विदेशी सुपरफूड की ओर भाग रहे हैं, वहीं हमारी रसोई में मौजूद अलसी (फ्लैक्ससीड) एक ऐसा देसी सुपरफूड है, जो कम खर्च में सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। छोटे-छोटे बीजों में छिपी अलसी की ताकत को आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक मान्यता देता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे नियमित आहार में शामिल करने से शरीर कई बीमारियों से सुरक्षित रह सकता है।

1. दिल की बीमारियों से बचाव: अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है।

2. पाचन तंत्र मजबूत: फाइबर से भरपूर अलसी कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।

3. डायबिटीज में सहायक: अलसी ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करती है, जिससे मधुमेह के मरीजों को फायदा मिल सकता है।

4. वजन नियंत्रण में मददगार: अलसी पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है।

5. जोड़ों के दर्द में राहत: इसके सूजन-रोधी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में सहायक माने जाते हैं।

6. इम्युनिटी मजबूत: अलसी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।

7. त्वचा को बनाए स्वस्थ: अलसी के पोषक तत्व त्वचा में निखार लाने और रूखेपन को कम करने में सहायक हैं।

8. बालों के लिए फायदेमंद: अलसी बालों को मजबूत बनाती है और झड़ने की समस्या को कम करने में मदद कर सकती है।

9. हार्मोन संतुलन में सहायक: अलसी में मौजूद लिग्नैन हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

10. कैंसर के खतरे को कम करे: अलसी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं।

Astra-Mk2: भारत के इस मिसाइल से पाक के उड़े होश

नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही Astra-Mk2एयर-टू-एयर मिसाइल अब अपने उन्नत संस्करण के साथ नए परीक्षण चरण में प्रवेश करने की तैयारी में है। यह मिसाइल न केवल तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम होगी, बल्कि भारतीय वायुसेना को आधुनिक हवाई युद्ध में रणनीतिक बढ़त भी दिलाएगी।

डुअल-पल्स तकनीक से बढ़ी ताकत

Astra-Mk2 की सबसे बड़ी खासियत इसका नया डुअल-पल्स रॉकेट मोटर सिस्टम है। इस तकनीक में मिसाइल को दो चरणों में अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है, जिससे वह लंबी दूरी तक तेज रफ्तार और बेहतर नियंत्रण बनाए रखती है। नई डिजाइन में दूसरे पल्स की अवधि बढ़ाई गई है, जिससे मिसाइल अंतिम चरण में भी लक्ष्य का पीछा करने में सक्षम रहती है। यही कारण है कि इसकी प्रभावी मारक दूरी अब लगभग 200 किलोमीटर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि पहले यह करीब 160 किलोमीटर मानी जाती थी।

2026 में अहम परीक्षण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Astra-Mk2 के फ्लाइट ट्रायल 2026 की शुरुआत में किए जा सकते हैं। इन परीक्षणों में मिसाइल की गति, स्थिरता, सटीकता और विश्वसनीयता को परखा जाएगा। अगर ये ट्रायल सफल रहते हैं, तो सीमित अतिरिक्त परीक्षणों के बाद 2026 के मध्य तक इसके सीरियल प्रोडक्शन का रास्ता साफ हो सकता है। इससे वायुसेना को अपेक्षाकृत कम समय में एक आधुनिक हथियार प्रणाली मिल सकेगी।

भारतीय वायुसेना को मिलेगा बड़ा लाभ

करीब 200 किलोमीटर रेंज वाली एयर-टू-एयर मिसाइल वायुसेना के लिए एक बड़ा रणनीतिक लाभ है। इससे भारतीय लड़ाकू विमान दुश्मन के विमान को काफी सुरक्षित दूरी से निशाना बना सकेंगे। Astra-Mk2, पहले से सेवा में मौजूद एस्ट्रा Mk-1 का पूरक होगी, जिसकी रेंज 100 किलोमीटर से अधिक है। नई मिसाइल को Su-30 MKI और स्वदेशी LCA तेजस जैसे लड़ाकू विमानों में शामिल करने की योजना है।

यूपी में 38 पदों पर नई भर्ती, नोटिश जारी, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी का शानदार अवसर सामने आया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ (IIM Lucknow) ने वर्ष 2026 के लिए नॉन-फैकल्टी के 38 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत लखनऊ और नोएडा कैंपस में विभिन्न प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े पद भरे जाएंगे।

इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुके हैं, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 19 जनवरी 2026 शाम 5 बजे तक तय की गई है। इच्छुक उम्मीदवार IIM लखनऊ की आधिकारिक वेबसाइट www.iiml.ac.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती

IIM लखनऊ द्वारा जिन पदों पर भर्ती निकाली गई है, उनमें मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर, जूनियर मैनेजर और प्रोग्राम असिस्टेंट शामिल हैं। कुल 38 पदों में से 34 पद लखनऊ कैंपस और 4 पद नोएडा कैंपस के लिए निर्धारित हैं।

योग्यता और आयु सीमा

इन पदों के लिए उम्मीदवार का ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, बीटेक, एमबीए या सीए होना अनिवार्य है। साथ ही न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। आयु सीमा पद के अनुसार अलग-अलग तय की गई है, जो 35 से 45 वर्ष के बीच है।

सैलरी और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार ₹50,000 से ₹98,000 प्रति माह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा HRA और अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा, जिससे यह भर्ती युवाओं के लिए और भी आकर्षक बन जाती है।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को आवेदन के लिए IIM लखनऊ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अनुभव संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी सही-सही भरनी होगी।

चिया सीड्स सेहत का हीरो! जानिए 10 चौंकाने वाले फायदे

हेल्थ डेस्क। आज के समय में सेहत को लेकर लोग ज्यादा जागरूक हो गए हैं। ऐसे में छोटे लेकिन शक्तिशाली चिया सीड्स ने अपनी खास पहचान बना ली है। ये छोटे से बीज न केवल आपकी सेहत को बेहतर बनाते हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में ऊर्जा और फिटनेस भी बढ़ाते हैं। आइए जानते हैं चिया सीड्स के 10 चौंकाने वाले फायदे। 

1 .पाचन तंत्र मजबूत बनाएं: इनमें मौजूद फाइबर कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है।

2 .डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार: चिया सीड्स शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं।

3 .ऊर्जा बढ़ाने वाला सुपरफूड: प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होने के कारण यह शरीर को दिनभर ऊर्जा देता है।

4 .मसल्स बनाने में मदद: प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा के कारण यह मसल्स बिल्डिंग और फिटनेस के लिए बेहतरीन है।

5 .हड्डियों और मांसपेशियों के लिए कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत: रोजाना सेवन से हड्डियों की सेहत बेहतर रहती है।

6 .हृदय के लिए लाभकारी: चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय को मजबूत बनाने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं।

7 .वज़न घटाने में मददगार: यह फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख कम लगती है।

8 .हड्डियों को बनाए मजबूत: चिया सीड्स में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है।

9 .ब्लड शुगर नियंत्रित करें: डायबिटीज के रोगियों के लिए चिया सीड्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

10 .त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद: एंटीऑक्सिडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाते हैं।

8वें वेतन आयोग: Level 1 से Level 10 तक क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नई सैलरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं, क्योंकि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर चर्चा जोर पकड़ रही है। सबसे अहम सवाल है – फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) कितना रहेगा, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होती है।

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर तीन अलग-अलग अनुमानों पर चर्चा हो रही है – 1.92, 2.08 और 2.86। कर्मचारियों की नई सैलरी इसी फैक्टर पर निर्भर करेगी।

नई बेसिक सैलरी कैसे तय होती है?

सैलरी का फॉर्मूला बहुत सरल है: नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर

अनुमानित नई सैलरी (Level 1 से Level 10 तक)

Level 1: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹18,000 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹34,560, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹37,440, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹51,480

Level 2: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹19,900 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹38,208, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹41,392, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹56,914

Level 3: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹21,700 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹41,664, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹45,136, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹62,062

Level 4: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹25,500 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹48,960, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹53,040, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹72,930

Level 5: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹29,200 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹56,064, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹60,736, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹83,512

Level 6: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹35,400 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹67,968, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹73,632, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹1,01,244

Level 7: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹44,900 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹86,208, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹93,392, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹1,28,414

Level 8: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹47,600 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹91,392, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹99,008, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹1,36,136

Level 9: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹53,100 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹1,01,952, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹1,10,448, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹1,51,866

Level 10: 7वें वेतन आयोग बेसिक ₹56,100 → फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹1,07,712, फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹1,16,688, फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹1,60,446

भारत में सिगरेट महंगी होने वाली, 4 गुना तक बढ़ सकते हैं दाम

नई दिल्ली। भारत में सिगरेट पीने वालों और तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के लिए आने वाला समय महंगा साबित हो सकता है। संसद से हाल ही में पारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 के बाद तंबाकू से जुड़े उत्पादों पर कर का बोझ काफी बढ़ने वाला है। इस विधेयक ने सिगरेट, सिगार, हुक्का तंबाकू और चबाने वाले तंबाकू पर उत्पाद शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी का रास्ता साफ कर दिया है, जिसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ेगा।

सिगरेट पर टैक्स में ऐतिहासिक उछाल

नए कानून के तहत सिगरेट पर लगने वाला उत्पाद शुल्क उसकी लंबाई और श्रेणी के अनुसार कई गुना बढ़ जाएगा। मौजूदा समय में जहां 1,000 सिगरेट स्टिक पर 200 से 735 रुपये तक शुल्क लगता है, वहीं संशोधन के बाद यह बढ़कर 2,700 से 11,000 रुपये प्रति 1,000 स्टिक तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि जो सिगरेट अभी कम कीमत पर आसानी से उपलब्ध है, वह आम उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हो सकती है।

अन्य तंबाकू उत्पाद भी होंगे महंगे

सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि तंबाकू के अन्य रूपों पर भी कर में तीखी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। चबाने वाले तंबाकू पर उत्पाद शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है। हुक्का तंबाकू पर यह शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर स्मोकिंग मिक्सचर पर पड़ेगा, जहां उत्पाद शुल्क में पांच गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी की गई है और यह 60 प्रतिशत से सीधे 300 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

जेब पर पड़ेगा सीधा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों के बाद सिगरेट की खुदरा कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जो सिगरेट अभी लगभग 18 रुपये में मिलती है, उसकी कीमत बढ़कर 70 रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। हालांकि अंतिम कीमतें कंपनियों की मूल्य निर्धारण रणनीति पर निर्भर करेंगी, लेकिन यह तय है कि सिगरेट और तंबाकू उत्पाद अब पहले जैसे सस्ते नहीं रहेंगे।

कब से होगा लागू?

सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद संशोधित उत्पाद शुल्क औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसके बाद तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियां अपने दामों में बदलाव करेंगी। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में खपत और कर संग्रह दोनों पर इस फैसले का असर साफ दिखाई देने लगेगा।

भारत के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, नए साल से पहले बल्ले बल्ले

नई दिल्ली। नए साल से पहले देश के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है, जिसने आम नागरिकों से लेकर नीति-निर्माताओं तक के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। केंद्र सरकार की वार्षिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार भारत ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आधार पर जापान को पीछे छोड़ दिया है और अब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में एक पायदान ऊपर पहुंच गया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की मजबूत स्थिति

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब करीब 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ विश्व की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है, जबकि जापान इस सूची में पीछे खिसक गया है। अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। सरकार का मानना है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए भारत 2030 तक जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

तेज़ विकास दर ने सबको चौंकाया

भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जो इससे पहले की तिमाहियों की तुलना में अधिक है। यह आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबावों का दौर जारी है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था का इस तरह मजबूती से आगे बढ़ना देश की आंतरिक मांग, निवेश और नीतिगत स्थिरता को दर्शाता है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का भरोसा

सरकार की आर्थिक समीक्षा में यह भी रेखांकित किया गया है कि भारत की विकास क्षमता पर सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को भी पूरा भरोसा है। वर्ल्ड बैंक ने 2026 के लिए भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं, मूडीज का मानना है कि भारत 2026 और 2027 में भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली G20 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा।

अंतिम मुहर का इंतजार

हालांकि केंद्र सरकार ने इस उपलब्धि की घोषणा कर दी है, लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा की जाएगी। IMF की ओर से यह आंकड़े 2026 की पहली छमाही में जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद भारत की यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर औपचारिक रूप से दर्ज मानी जाएगी।

1 जनवरी को गुरु का प्रभाव, इन 5 राशियों के लिए खुशखबरी

राशिफल। नए साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को ग्रहों की चाल इन 5 राशियों के लिए विशेष अवसर लेकर आ रही है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन गुरु ग्रह की स्थिति इन राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और खुशखबरी लाएगी।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु ग्रह का प्रभाव करियर और व्यवसाय में लाभ देगा। नौकरी में प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। आर्थिक रूप से भी यह समय लाभकारी रहेगा और निवेशों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोग इस दिन परिवार और सामाजिक जीवन में खुशियों का अनुभव करेंगे। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और पुराने विवादों में सुलह होने की संभावना है। स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शांति का भी अनुभव होगा।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु ग्रह शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में लाभ देगा। नए कौशल सीखने और करियर में नई दिशा पाने का अवसर मिलेगा। यात्रा के अवसर भी बन सकते हैं, जिससे लाभ और अनुभव दोनों बढ़ेंगे।

4. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए गुरु ग्रह वित्तीय मामलों में लाभदायक साबित होगा। पुराने निवेशों पर अच्छा मुनाफा मिल सकता है और व्यापारिक गतिविधियों में सफलता आएगी। स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक संतुलन भी बना रहेगा।

5. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव प्रेम और सामाजिक संबंधों में वृद्धि करेगा। नई दोस्ती और साझेदारी के अवसर बनेंगे। करियर में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जिससे पेशेवर प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

8वें वेतन आयोग: ग्रेड पे-1900 वाले कर्मचारियों की नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की घोषणा का इंतजार काफी लंबे समय से चल रहा है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए जिनका लेवल-2 ग्रेड पे 1900 है, यह सवाल सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि उनकी नई बेसिक सैलरी और नेट सैलरी कितनी होगी।

फिटमेंट फैक्टर का महत्व

कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है फिटमेंट फैक्टर। पिछली बार 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर लगभग ₹18,000 हो गई थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है। मीडिया और विशेषज्ञ रिपोर्ट्स के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 1.92 से 2.08 तक हो सकता है।

लेवल-2 (GP-1900) के लिए संभावित नई सैलरी

7वें वेतन आयोग में लेवल-2 का बेसिक पे ₹19,900 था। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बेसिक सैलरी का अनुमान इस प्रकार है:

फिटमेंट फैक्टर 1.92: ₹38,208

फिटमेंट फैक्टर 2.08: ₹41,392

फिटमेंट फैक्टर 2.86: ₹56,914

HRA और TA के बाद नेट सैलरी

कर्मचारियों की कुल कमाई केवल बेसिक पे तक सीमित नहीं रहती। इसमें HRA (मकान किराया भत्ता) और TA (यात्रा भत्ता) भी शामिल होते हैं। ये भत्ते शहर और पद के अनुसार अलग-अलग होते हैं। HRA और TA जोड़ने के बाद कर्मचारियों की नेट सैलरी कई हजार रुपये तक बढ़ सकती है।

यूपी में संविदा चालकों की भर्ती, 8वीं पास के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। यूपी परिवहन निगम बस्ती डिपो में संविदा चालकों की भर्ती होने जा रही है। इसके लिए संतकबीर नगर के खलीलाबाद ब्लॉक में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चकदही गांव में 5 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक एक दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा।

आवेदन और दस्तावेज़

इच्छुक उम्मीदवारों को पहले सेवायोजन विभाग के पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने के लिए उम्मीदवारों को अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो और बायोडाटा साथ लाना अनिवार्य है।

योग्यता और अन्य शर्तें

शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम कक्षा आठ उत्तीर्ण और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट

ऊँचाई: कम से कम 5 फुट 3 इंच

लाइसेंस: भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस

अनुभव: न्यूनतम 2 वर्ष का वाहन संचालन अनुभव

आयु: न्यूनतम 23 वर्ष 6 महीने

चयन और वेतन

चयनित उम्मीदवारों को 2.20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से मानदेय मिलेगा। यदि कोई चालक 5,000 किलोमीटर से अधिक और 22 दिन के संचालन को पूरा करता है, तो 3,000 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, रात्रि भत्ता और लक्ष्य से अधिक आय पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा।

यूपी में बारिश की एंट्री, नए साल पर इन जिलों में अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सर्दियों का मौसम इस साल भी काफी तीव्र बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में घना कोहरा और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं की वजह से ठंडक में लगातार वृद्धि हो रही है और कई जिलों में कोल्ड-डे जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।

ठंड और कोहरे का हाल

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज, बांदा, बस्ती, कानपुर, इटावा, गोरखपुर, गाजीपुर, हमीरपुर, बरेली और शाहजहांपुर में कोल्ड-डे का असर महसूस किया गया। विशेष रूप से शाहजहांपुर, आगरा और प्रयागराज में दृश्यता लगभग शून्य दर्ज की गई। वहीं, अलीगढ़, झांसी, उरई, मेरठ, मुरादाबाद, फतेहपुर, अमेठी, लखनऊ और कई अन्य जिलों में भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे न्यूनतम दृश्यता 20 से 100 मीटर तक सीमित रही।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने 57 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, बरेली, शाहजहांपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, आगरा, इटावा, मुरादाबाद और कई अन्य जिले शामिल हैं। विभाग ने लोगों से विशेष सतर्क रहने और सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले 3-4 दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी। इसका मतलब है कि कोल्ड-डे की स्थिति थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय घना कोहरा बरकरार रहेगा। विशेष रूप से 1 जनवरी को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के बाद मौसम में सुधार होगा और कोहरे में कमी आएगी।

युवाओं की बल्ले-बल्ले, यूपी में नौकरी के लिए 2 तक आवेदन

लखनऊ। युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है! Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board (UPPRPB) ने Radio Cadre Assistant Operator के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार सरकारी नौकरी का सपना साकार कर सकते हैं।

पदों की जानकारी

पद का नाम: Radio Cadre Assistant Operator

कुल पद: 44

वेतन: ₹25,500 से ₹81,100

शैक्षणिक योग्यता

इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होना आवश्यक है। उम्मीदवारों के पास मूल कंप्यूटर और रेडियो ऑपरेशन की जानकारी होना एक अतिरिक्त लाभ होगा।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की उम्र सीमा 18 से 22 वर्ष होनी चाहिए। सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन शुरू: 03 दिसंबर 2025

आवेदन समाप्ति: 02 जनवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: upprpb.in

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा और चयन से संबंधित पूरी जानकारी भविष्य में आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

रेलवे में नौकरियों की बहार, 29 जनवरी तक करें आवेदन

नई दिल्ली: रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने आइसोलेटेड कैटेगरी के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार अब ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल पोर्टल rrbapply.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

पदों का विवरण: चीफ लॉ असिस्टेंट – 22, पब्लिक प्रॉसिक्यूशन – 7, जूनियर ट्रांसलेटर हिंदी – 202, सीनियर पब्लिक इंस्पेक्टर – 15, स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर – 24, साइंटिफिक असिस्टेंट ट्रेनिंग – 2, लैब असिस्टेंट ग्रेड 3 (केमिस्ट & मेटलर्जिस्ट) – 39, साइंटिफिक सुपरवाइजर (Ergonomics & Training) – 1

पात्रता एवं मापदंड

पदों के अनुसार उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता 12वीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक हो सकती है। इसके अलावा, न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30/32/33/35/40 वर्ष पदानुसार निर्धारित है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के अनुसार होगी।

आवेदन करने का तरीका

उम्मीदवार स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। इसके लिए स्टेप्स इस प्रकार हैं: सबसे पहले rrbapply.gov.in पर जाएं। होम पेज पर जाकर Create an Account पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके अन्य आवश्यक विवरण भरें। कैटेगरी वाइज शुल्क जमा करें और फॉर्म सबमिट करें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें।

आधिकारिक वेबसाइट: rrbapply.gov.in

आवेदन की अंतिम तिथि: 29 जनवरी 2026

Happy New Year 2026: इन 10 शायरी से भेजें अपनों को शुभकामनाएं

नई दिल्ली। नया साल हमेशा नई उम्मीदें और खुशियों की सौगात लेकर आता है। दोस्तों, परिवार और अपनों के साथ यह खास दिन और भी यादगार बनाना चाहते हैं तो शायरियों के माध्यम से शुभकामनाएं भेजना एक बेहतरीन तरीका है। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं Happy New Year 2026 की 10 खास शायरी, जिन्हें आप व्हाट्सएप, मैसेज या सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं।

1.नया साल आया है, नई खुशियाँ लाया है,

दिल से आपको ढेरों प्यार भरा पैगाम लाया है।

2.बीते साल की यादें रहें मीठी,

नए साल की शुरुआत हो आपके लिए अनूठी।

3.सपनों की उड़ान हो आसान,

हर दिन लाए आपके जीवन में नई पहचान।

4.हर सुबह मुस्कान से शुरू हो,

हर शाम प्यार और स्नेह से भरी हो।

5.गुज़रते साल की हर ठोकर बनी सीख,

नए साल की हर खुशी बने आपके लिए प्रीत।

6.चाँद की चांदनी और सितारों की रौशनी,

नए साल में आपके जीवन को बनाए रंगीन और रोशन।

7.रिश्तों में मिठास, दिलों में प्यार,

नए साल में हो आपका हर दिन शानदार।

8.साल नया, उमंग नई,

खुशियों से भरी रहे आपकी जिंदगी हर घड़ी।

9.बीते साल की परेशानियों को करें अलविदा,

नए साल में मिले सफलता और खुशियों का वादा।

10.हर दिन आपके लिए लाए उम्मीद और आनंद,

नया साल आपके जीवन में भर दे खुशियों का संगीत और गान।

शायरी के जरिए शुभकामनाएं क्यों खास हैं?

शायरी सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं का आईना होती है। जब आप किसी को नए साल की बधाई शायरी के साथ भेजते हैं, तो आपके संदेश में प्यार, स्नेह और खुशियों की मिठास झलकती है। यह सीधे दिल तक पहुँचता है और रिश्तों को और मजबूत बनाता है।

नसों की कमजोरी होगी दूर, रोज खाएं ये 4 फल

हेल्थ डेस्क। आजकल की तेज़-तर्रार जिंदगी और गलत खानपान के कारण नसों की कमजोरी आम समस्या बन गई है। हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और थकान जैसी परेशानियां इसके संकेत हो सकती हैं। लेकिन कुछ फलों का नियमित सेवन नसों और मस्तिष्क की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

1. संतरा

संतरे में भरपूर विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये नसों की सुरक्षा करते हैं और मस्तिष्क के ऊतकों की मरम्मत में मदद करते हैं। रोजाना एक संतरा खाने से नसों की कमजोरी और थकान कम होती है।

2. कीवी

कीवी में विटामिन C, विटामिन K और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में होता है। यह तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है और नसों की सूजन को कम करता है।

3. स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह नसों को तनाव और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। स्ट्रॉबेरी का सेवन नसों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाता है।

4. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स मस्तिष्क और नसों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। ये न्यूरोलॉजिकल क्षति को कम करते हैं और याददाश्त को भी मजबूत बनाते हैं।

5. एवोकाडो

एवोकाडो में हेल्दी फैट्स और विटामिन E प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये नसों की कोशिकाओं को पोषण देते हैं और तंत्रिका तंत्र की कार्यक्षमता बेहतर बनाते हैं।

यूपी में बनेंगे नए स्टेट हाईवे, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और हाथरस जनपद के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दोनों जिलों को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से नए स्टेट हाईवे के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आबादी और लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

अलीगढ़ से सासनी होते हुए संभल तक

प्रस्तावित स्टेट हाईवे अलीगढ़ से सासनी होते हुए संभल तक जाएगा। यह नया राज्य मार्ग एनएच-509 और एनएच-32 को आपस में जोड़ेगा। फिलहाल इस रूट पर मौजूद सड़कें अतिरिक्त जिला मार्ग (ODR) की श्रेणी में आती हैं, जिनकी चौड़ाई कम होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है।

चार जिलों के लोगों को होगा सीधा लाभ

इस नए स्टेट हाईवे की कुल लंबाई करीब 81.41 किलोमीटर प्रस्तावित की गई है। इसके बन जाने से अलीगढ़, हाथरस, आगरा और संभल के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। अभी संभल जाने के लिए लोगों को अलीगढ़ और अतरौली होते हुए करीब 105 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें दो से ढाई घंटे का समय लग जाता है। नया स्टेट हाईवे बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और लोग एक से डेढ़ घंटे में संभल पहुंच सकेंगे।

अलीगढ़ आने की मजबूरी होगी खत्म

इस सड़क के निर्माण से सासनी, हाथरस और आगरा के लोगों को संभल जाने के लिए अलीगढ़ नहीं आना पड़ेगा। वे सीधे सासनी के रास्ते नए स्टेट हाईवे से संभल पहुंच सकेंगे। इससे अलीगढ़ शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

10 मीटर चौड़ा होगा नया मार्ग

लोक निर्माण विभाग ने इस स्टेट हाईवे को 10 मीटर चौड़ा बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। वर्तमान में ओडीआर मार्गों की चौड़ाई कई स्थानों पर केवल 5 मीटर या उससे भी कम है। नए मानकों के अनुसार सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके लिए अलीगढ़, सासनी और संभल क्षेत्र में जहां जरूरत होगी वहां भूमि अधिग्रहण भी किया जाएगा।

सफर होगा आसान और सुरक्षित

नया स्टेट हाईवे बनने से न सिर्फ दूरी और समय कम होगा, बल्कि सड़क की गुणवत्ता बेहतर होने से यात्रा भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी। खासतौर पर व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से यह मार्ग बेहद अहम साबित होगा।

लखनऊ में घर का मौका, लॉटरी 8–9 जनवरी को!

न्यूज डेस्क। लखनऊ में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी के देवपुर पारा क्षेत्र में स्थित अटल नगर आवासीय योजना के तहत बनाए गए भवनों की लॉटरी 8 और 9 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं।

लॉटरी प्रक्रिया का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में किया जाएगा। एलडीए की ओर से बताया गया है कि पूरी प्रक्रिया आवेदकों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी। साथ ही, लॉटरी ड्रा का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें।

5,781 लोगों ने कराया पंजीकरण

एलडीए के अनुसार, अटल नगर योजना के लिए 4 अक्टूबर से 2 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया चली थी। इस दौरान कुल 5,781 आवेदकों ने रजिस्ट्रेशन कराया। अब पात्र आवेदकों के बीच 8 और 9 जनवरी को लॉटरी के माध्यम से भवनों का आवंटन किया जाएगा।

2,496 फ्लैट्स का होगा आवंटन

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, अटल नगर आवासीय योजना के तहत 15 टावरों का निर्माण किया गया है, जिनकी ऊंचाई 12 से 19 मंजिल तक है। इन टावरों में कुल 2,496 फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें: 1,832 फ्लैट्स 1 बीएचके, 664 फ्लैट्स 2 बीएचके है। फ्लैट्स का क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर से 54.95 वर्गमीटर तक है। इनकी शुरुआती कीमत करीब 9.82 लाख रुपये रखी गई है। यह योजना एलडीए की अफोर्डेबल हाउसिंग श्रेणी में आती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का पंजीकरण 1 जनवरी से

एलडीए ने नए साल पर एक और बड़ी राहत देने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शारदा नगर विस्तार में बने भवनों के लिए 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक दोबारा पंजीकरण खोला जाएगा। दरअसल, लॉटरी के बाद रिफंड के कारण 185 भवन खाली रह गए थे, जिनका अब पुनः लॉटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा। इच्छुक आवेदक एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से 5,000 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पंजीकरण से जुड़ी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।

यूपी में इंटरव्यू से मिलेगी नौकरी, सैलरी 30 हजार

मथुरा। उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थान में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छा मौका सामने आया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा (DUVASU Mathura) ने वर्ष 2025 के तहत यंग प्रोफेशनल–I (Young Professional-I) के पद पर भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू का नोटिफिकेशन जारी किया है।

पद और वैकेंसी का विवरण

इस भर्ती अभियान के तहत कुल एक पद भरा जाएगा। चयनित अभ्यर्थी को यंग प्रोफेशनल–I (YP-I) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। यह नियुक्ति प्रोजेक्ट आधारित होगी।

सैलरी कितनी मिलेगी?

चयनित उम्मीदवार को ₹30,000 प्रति माह की कंसोलिडेटेड सैलरी दी जाएगी। हालांकि, यह वेतन संबंधित फंडिंग एजेंसी से धनराशि प्राप्त होने के बाद ही जारी किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार तय की गई है: लाइफ साइंसेज, एग्रीकल्चरल साइंसेज, वेटरनरी साइंस (BVSc), एनिमल साइंस या इससे संबंधित अन्य विषयों में स्नातक डिग्री। B.Sc और BVSc डिग्री धारक उम्मीदवार इस वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।

उम्र सीमा

न्यूनतम आयु: 21 वर्ष, अधिकतम आयु: 45 वर्ष, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी: OBC वर्ग: 3 वर्ष, SC/ST और महिला उम्मीदवार: 5 वर्ष

इंटरव्यू की तारीख और समय

इच्छुक उम्मीदवारों को 05 जनवरी 2026 (सोमवार) को सुबह 9:00 बजे वॉक-इन इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा। इंटरव्यू स्थल और अन्य दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: upvetuniv.edu.in

8वें वेतन आयोग: 30 हजार कमानें वालों की क्या होगी नई सैलरी ?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं। खासतौर पर यह सवाल हर कर्मचारी के मन में है कि अगर मौजूदा बेसिक सैलरी करीब ₹30,000 है, तो नए वेतन आयोग के लागू होने पर सैलरी कितनी बढ़ेगी। इसका सीधा जवाब फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है, जो किसी भी वेतन आयोग का सबसे अहम आधार होता है।

फिटमेंट फैक्टर क्यों है इतना जरूरी?

फिटमेंट फैक्टर के जरिए पुराने बेसिक वेतन को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं, जिनमें 1.90, 1.92, 2.08 और 2.86 जैसे आंकड़े सामने आ रहे हैं।

1.92 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी बनेगी नई सैलरी?

हालांकि सरकार की ओर से अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि इसे 1.90 या 1.92 के आसपास रखा जा सकता है। इसी अनुमान के आधार पर सैलरी कैलकुलेशन की जा रही है।

यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹29,200 (पे लेवल-5) है, तो: ₹29,200 × 1.92 = ₹56,064, यानी 8वें वेतन आयोग के तहत बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹56,064 हो सकती है। इसके बाद इसमें DA, HRA और अन्य भत्ते जुड़ने पर कुल सैलरी और ज्यादा बढ़ेगी।

नए वेतन आयोग से कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 के आसपास रहता है, तो 30 हजार रुपये के करीब बेसिक पाने वाले केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा-खासा उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

ग्रहों का महासंयोग: कल से 5 राशियां होंगी लकी, जीवन में आएंगे सकारात्मक बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कल से एक दुर्लभ ग्रहों का महासंयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस खास संयोग के प्रभाव से पांच राशियों के लिए सौभाग्य के द्वार खुल सकते हैं। करियर, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

क्या है ग्रहों का महासंयोग?

जब एक ही समय में कई प्रमुख ग्रह विशेष राशियों और भावों में अनुकूल स्थिति बनाते हैं, तो उसे महासंयोग कहा जाता है। इस बार बनने वाला संयोग खास तौर पर उन्नति, सफलता और नए अवसरों का संकेत दे रहा है।

इन 5 राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव

1. मेष राशि: मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर में प्रगति का है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और रुका हुआ काम पूरा होगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. वृषभ राशि: धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। निवेश से फायदा हो सकता है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

3. सिंह राशि: इस राशि के जातक को मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग प्राप्त होगा।

4. तुला राशि: शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। नए संबंध बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे।

5. मीन राशि: इस राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

यूपी के 2 बड़े शहर बनेंगे AI सिटी, युवाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि खुद को तकनीक और नवाचार के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में योगी सरकार ने एक बड़ा विजन सामने रखा है, जो प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता के नाम पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्ष में उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

लखनऊ और नोएडा बनेंगे नई AI सिटी

सरकार की योजना के अनुसार लखनऊ और नोएडा को विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक के नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाना है। इन AI सिटी में रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, टेक कंपनियां और स्किल डेवलपमेंट संस्थान विकसित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को पढ़ाई, प्रशिक्षण और रोजगार तीनों के अवसर एक ही जगह मिल सकें।

सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पर फोकस

योगी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा पर आधारित होगी। इसी सोच के तहत जेवर में लगभग 3700 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही डेटा सेंटर सेक्टर में करीब 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रदेश में पांच हाइपर स्केल डेटा सेंटर पार्क काम करना शुरू कर चुके हैं, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रहे हैं।

निवेशकों का बढ़ता भरोसा

उत्तर प्रदेश की सुरक्षित और स्पष्ट डेटा सेंटर नीति ने देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसका नतीजा यह है कि बड़ी आईटी कंपनियां और उद्योग समूह प्रदेश में निवेश को लेकर गंभीर रुचि दिखा रहे हैं। हाल ही में टाटा समूह के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन द्वारा मुख्यमंत्री से मुलाकात और एआई सिटी से जुड़े प्रस्ताव भी इसी बढ़ते विश्वास का संकेत हैं।

भविष्य की ओर बढ़ता यूपी

लखनऊ और नोएडा को AI सिटी के रूप में विकसित करने की योजना सिर्फ दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार संरचना को बदलने की क्षमता रखती है। यदि ये योजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख IT और तकनीकी राज्यों की कतार में खड़ा नजर आ सकता है।

भारत में 'बाइक' चलाने वालों के लिए बड़ी खबर

नई दिल्ली। देश में 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले नए नियम के तहत सभी नए दोपहिया वाहनों में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) अनिवार्य होना था, लेकिन इसे लेकर वाहन कंपनियों और सरकार के बीच हाल ही में विवाद खड़ा हो गया है। कंपनियों ने सरकार से इस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की है, क्योंकि उनकी दलील है कि एबीएस सिस्टम की आपूर्ति अभी पर्याप्त नहीं है।

कंपनियों की चिंता

वाहन निर्माता कहते हैं कि अगर एक ही दिन से सभी नई बाइकों और स्कूटर्स में एबीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया, तो पुर्जों की कमी और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। इससे वाहनों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा। कंपनियों का सुझाव है कि इस नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि उद्योग को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके।

सरकार का मकसद

सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। फिलहाल यह व्यवस्था केवल 125 सीसी से अधिक क्षमता वाली बाइकों पर लागू है, जबकि छोटी बाइकों और स्कूटर्स में केवल कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) होता है। देश के बाइक बाजार में लगभग 84% हिस्सेदारी इसी सस्ते श्रेणी की बाइकों और स्कूटर्स की है, इसलिए सरकार इस नियम को सभी नए वाहनों तक बढ़ाना चाहती है।

अधिसूचना और समयसीमा

हालांकि, एक जनवरी की समयसीमा करीब होने के बावजूद, सरकार ने अभी तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की है। माना जा रहा है कि नियम को लागू करने की नई तारीख घोषित की जा सकती है। केंद्र सरकार इस मामले में सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, और अंतिम फैसला जल्द आने की उम्मीद है।

AI डॉक्टर की एंट्री: कई देशों में खुल रही क्लिनिक!

नई दिल्ली। दुनिया में चिकित्सा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति तेज़ी से बढ़ रही है। अब मरीजों को डॉक्टर के पास जाने की लंबी लाइनें खत्म होने वाली हैं, क्योंकि कई देशों में AI डॉक्टर क्लिनिक खोले जा रहे हैं। ये क्लिनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके मरीजों की जांच, निदान और प्रारंभिक उपचार से लेकर सर्जरी तक में मदद कर रहे हैं।

कहाँ-कहाँ खुल रही हैं क्लिनिक?

सऊदी अरब ने हाल ही में इस दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया है। यहाँ हाई‑टेक AI डॉक्टर क्लिनिक खोले गए हैं, जहां मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का त्वरित निदान और सलाह पा सकते हैं। इसके अलावा, चीन, जापान, अमेरिका और यूएई में भी ऐसे डिजिटल क्लिनिक की शुरुआत की जा रही है। इन क्लिनिक में AI सिस्टम रोगियों की रिपोर्ट, लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण करके सटीक सुझाव देता है और मरीजों का इलाज करता हैं।

कैसे काम करता है AI डॉक्टर क्लिनिक?

AI डॉक्टर क्लिनिक में मरीजों से पहले सर्वे और डेटा इंट्री ली जाती है। इसके बाद AI सिस्टम मरीज के लक्षणों, मेडिकल रिकॉर्ड और एल्गोरिदम के आधार पर संभावित बीमारी और उपचार योजना तय करता है। हालांकि गंभीर बीमारियों के लिए अभी भी मानव डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है, लेकिन सामान्य समस्याओं, जैसे खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर या मधुमेह की प्रारंभिक जांच में ये क्लिनिक बेहद मददगार साबित हो रहे हैं।

AI डॉक्टर के फायदे और क्या है चुनौतियाँ?

AI डॉक्टर क्लिनिक मरीजों को कम समय में इलाज और सुझाव देने में सक्षम हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी ये सहायक हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि AI सिस्टम अभी पूरी तरह मानव डॉक्टर की जगह नहीं ले सकते। डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और तकनीकी खामियों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि इसका भविष्य उज्व्वल है।

भविष्य की संभावनाएँ, क्या है AI डॉक्टर का भविष्य

विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में AI डॉक्टर क्लिनिक पूरे विश्व में सामान्य स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा बन जाएंगे। यह तकनीक न केवल मरीजों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि स्वास्थ्य विभागों पर बोझ भी कम करेगी।AI डॉक्टर क्लिनिक का आगमन यह संकेत दे रहा है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का युग अब वास्तविकता बनने लगा है, और मरीजों को स्वास्थ्य देखभाल में तेज़, स्मार्ट और आसान समाधान मिलने वाला है।

कल सूर्य-बुध-मंगल-चंद्र योग: इन 5 राशियों के लिए वरदान

राशिफल। कल यानी 1 जनवरी, 2026 को सूर्य-बुध-मंगल-चंद्र का खास योग बन रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह योग पांच राशियों के लिए सुख, समृद्धि और राहत लेकर आने वाला है। इस समय ग्रहों की स्थिति सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगी और कई परेशानियों का समाधान संभव होगा।

1. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में राहत लेकर आएगा। पुराने लंबित काम पूरे होंगे और निवेश में लाभ मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा और अधिकारियों का भरोसा बढ़ेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य में संतुलन बनाए रखने वाला है। परिवार और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। मानसिक तनाव कम होगा और नौकरी या व्यवसाय में नई योजनाओं को लागू करने का समय अनुकूल रहेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह योग शैक्षणिक और करियर मामलों में शुभ है। विद्यार्थी वर्ग को परीक्षा और प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग व्यवसाय और निवेश में लाभदायक साबित होगा। पुराने विवाद हल होंगे और साझेदारी या व्यापारिक लेन-देन में फायदा मिलेगा। साथ ही संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक निर्णय संभव हैं।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों को यह योग स्वास्थ्य और मानसिक शांति में लाभ देगा। पुराने रोगों में सुधार होगा और जीवनसाथी या परिवार के साथ मेलजोल बढ़ेगा। यात्रा के लिए समय अनुकूल रहेगा और लाभकारी संपर्क बनेंगे।

यूपी में बनेगा एक और 4-लेन सड़क, इन जिलों को बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। यूपी के अम्बेडकरनगर के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी खुशखबरी के साथ होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर परियोजना के तहत जिले में एक नई फोरलेन सड़क बनाने का फैसला किया है। इस सड़क के निर्माण से एनएच 135 ए और एनएच 233 राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में जुड़ेंगे और आवागमन अधिक सुगम होगा।

सड़क का विवरण और लागत

इस परियोजना के अंतर्गत टांडा, बरियावन, सुल्तानगढ़, पट्टी बाजार से सुरहुरपुर तक लगभग 29.7 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 701.77 करोड़ रुपए आंकी गई है। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए प्रारंभिक आगणन शासन को भेज दिया है।

फ्लाईओवर और सेतु निर्माण

बरियावन बाजार चौराहे पर एक फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा सुल्तानगढ़ में दो लेन का दीर्घ सेतु बनाया जाएगा। फ्लाईओवर की अनुमानित लागत 154 करोड़ रुपए रखी गई है।

योजना का महत्व

इस परियोजना से न केवल दो राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में बेहतर तरीके से जुड़े रहेंगे, बल्कि जिले और आसपास के इलाकों में सड़क यातायात तेज और सुरक्षित होगा। इससे व्यापार, परिवहन और आम जनता के आवागमन में भी सुविधा बढ़ेगी।

आगे की योजना

एमएलसी हरिओम पांडे के प्रयासों से पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने प्रारंभिक आगणन तैयार कर शासन को भेजा है। अधिशासी अभियंता अश्वनी पांडे ने बताया कि सड़क निर्माण के साथ फ्लाईओवर और दीर्घ सेतु पर भी कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।

यूपी में फ्री राशन को लेकर खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य में फंसे हुए आठ लाख राशन कार्डों के वितरण का रास्ता साफ कर दिया गया है। खाद्य और रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नए और पात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड नियमों के अनुसार जल्दी जारी किए जाएं।

कार्रवाई और दिशा-निर्देश

राज्यमंत्री ने कहा कि जिन राशन कार्ड धारकों के परिवार के सदस्य विदेश में नौकरी कर रहे हैं और उनकी आय सीमा अधिक है, उनके कार्ड रद्द किए जाएं। इसके साथ ही मृतक व्यक्तियों के कार्ड को निरस्त कर पात्र लोगों को तुरंत लाभ दिया जाए।

विवाहित महिलाओं को राहत

जो महिलाएं शादी के बाद अपने ससुराल में शिफ्ट हुई हैं, उनके यूनिट स्थानांतरण का काम तत्परता से पूरा किया जाएगा। वर्तमान में इस मामले में लगभग 7,300 प्रकरण लंबित हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है।

ई-केवाईसी प्रक्रिया

प्रदेश के राशन कार्डधारियों में 92 प्रतिशत से ज्यादा की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और हर पात्र लाभार्थी का डेटा सही रहेगा।

अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई

नवंबर महीने में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में पाए गए दोषों के चलते 36 विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज की गई, 60 के अनुबंध निलंबित किए गए और 133 अनुबंध रद्द किए गए।

यूपी में 'युवाओं' के लिए खुशखबरी, इस योजना से जोड़ेगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को कुशल, आत्मनिर्भर और सफल उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस पहल के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को मुख्यमंत्री युवा फ्लैगशिप स्कीम से जोड़ा जाएगा। इस कोलैबोरेशन से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनके उद्यमशीलता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

योजना की रूपरेखा

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेशभर में संचालित सभी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इस मॉडल के माध्यम से युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे और उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए भी तैयार किया जाएगा।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री युवा फ्लैगशिप स्कीम से जोड़ना है। इससे युवा न केवल रोजगार प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वयं के व्यवसाय के लिए भी सक्षम बनेंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और उत्तर प्रदेश की आर्थिक मजबूती को भी नया बल मिलेगा। यह योजना युवाओं की कौशल क्षमता और व्यावसायिक सोच को विकसित करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।

बिहार में 'किसानों' का रजिस्ट्रेशन शुरू, गांव-गांव अभियान

पटना। बिहार में किसानों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म एग्री स्टैक का राज्य में क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राज्य के कुल 16,664 गांवों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

अब तक प्राप्त 5,76,809 आवेदनों में से 4,06,679 आवेदनों को ऑटो-अप्रूवल के माध्यम से स्वीकृत किया जा चुका है। शेष किसानों के पंजीकरण को पूरा करने के उद्देश्य से कृषि विभाग अगले साल 6 से 9 जनवरी तक एक विशेष अभियान चलाएगा, जिसमें बचे हुए किसानों की रजिस्ट्री पूरी की जाएगी।

मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

मंगलवार को एग्री स्टैक के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रधान सचिव ने अब तक की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अगले चार दिनों में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा किया जाए।

एग्री स्टैक का उद्देश्य

बैठक में बताया गया कि एग्री स्टैक का मुख्य उद्देश्य किसानों को कई सुविधाएँ उपलब्ध कराना है:

सस्ता ऋण आसानी से उपलब्ध कराना।

बाजारों तक सुविधाजनक पहुंच देना।

स्थानीय और विशिष्ट कृषि सलाह प्रदान करना।

उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट्स तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करना।

बैठक में सभी जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव ने कहा कि यह अभियान विकास आयुक्त की निगरानी में संपन्न होगा। बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

नए साल का तोहफा: किसानों के खाते में आ सकते हैं 2-2 हजार

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में काम कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त नए साल में किसानों के खाते में पहुंच सकती है। वर्ष 2025 में किसानों को योजना की 19वीं, 20वीं और 21वीं किस्त मिल चुकी है। अब अगली किस्त का इंतजार सभी किसान बेसब्री से कर रहे हैं।

PM Kisan Yojana क्या है?

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत हर साल किसानों को 3 किस्तों में कुल 6,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाते हैं। वित्त वर्ष के दौरान बजट में इसके लिए राशि का आवंटन किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में सुधार लाना और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

नए साल पर कब मिलेगा किस्त

पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त को लेकर अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। इस बजट में कृषि क्षेत्र और पीएम किसान योजना से संबंधित बड़े एलान किए जाने की संभावना है। यदि बजट में पीएम किसान योजना के लिए राशि बढ़ाई जाती है, तो किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि भी बढ़ सकती है।

खातें में 22वीं किस्त कब आएगी?

आपको बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त जारी की थी। इसके बाद किसानों का इंतजार 22वीं किस्त का है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि फरवरी 2026 के आसपास बजट पेश होने के बाद यह किस्त जारी की जा सकती है। इससे किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये तक पहुंच सकते हैं। यदि आप इस योजना में आवेदन नहीं किये हैं तो आप ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

नए साल का अपडेट: 1 जनवरी से ये 5 बदलाव होंगे लागू

नई दिल्ली। जैसे ही नया साल आने वाला है, आम लोगों के जीवन पर असर डालने वाले कई वित्तीय और गैर-वित्तीय नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इन बदलावों में क्रेडिट स्कोर, डिजिटल लेनदेन, वाहन मूल्य, पीएम किसान योजना और गैस कीमतें शामिल हैं। आइए जानते हैं, कौन-कौन से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।

1. इन वाहनों के दाम में बढ़ोतरी

नव वर्ष से वाहन खरीदना महंगा हो सकता है। लक्जरी कार निर्माता जैसे बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, निसान, रेनो और इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता एथर एनर्जी अपने वाहनों के दाम में 3 प्रतिशत तक वृद्धि कर चुके हैं। इससे कार और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की लागत बढ़ जाएगी।

2 . डिजिटल लेनदेन के नियमों में सख्ती

डिजिटल और बैंकिंग धोखाधड़ी को देखते हुए, यूपीआई प्लेटफॉर्म (गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, व्हाट्सएप) पर केवाईसी प्रक्रिया और सुरक्षा के नियम और सख्त होंगे। मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लॉक जैसी अतिरिक्त सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा ताकि फर्जी खातों को रोका जा सके।

3 .सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कमी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की नई टैरिफ नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में 2-3 रुपये प्रति यूनिट की कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को सीधे फायदा मिलेगा और घरेलू व वाहन ईंधन पर खर्च कम होगा।

4 .क्रेडिट स्कोर साप्ताहिक आधार पर अपडेट होगा

अब क्रेडिट स्कोर की रिपोर्टिंग मासिक नहीं बल्कि साप्ताहिक आधार पर होगी। इसका मतलब है कि अगर कोई लोन या क्रेडिट कार्ड की किस्त में एक दिन की देरी होती है, तो यह तुरंत क्रेडिट स्कोर पर दिखाई देगी। दूसरी ओर, समय पर भुगतान करने वालों के लिए यह बदलाव फायदेमंद होगा और उन्हें लोन लेने में आसानी होगी।

5 . पीएम-किसान योजना के लिए नई आईडी प्रणाली

केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना के तहत नई किसान डिजिटल आईडी प्रणाली शुरू की है। 1 जनवरी 2026 से योजना में शामिल नए किसानों के लिए यह आईडी अनिवार्य होगी। इसमें किसानों की भूमि, फसल, आधार और बैंक की जानकारी जुड़ी होगी। पुराने लाभार्थियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

बिहार सरकार की बड़ी तैयारी, 20 जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार ने 20 जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगाए जा सकें और रोजगार के अवसर बढ़ें। इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, और सामाजिक प्रभाव का आकलन करने के लिए विभिन्न संस्थानों की मदद ली जा रही है।

सामाजिक प्रभाव और जनसुनवाई पर विशेष ध्यान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने सभी संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से सामाजिक प्रभाव का आकलन करने वाले संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक करें। इसका उद्देश्य यह है कि अधिकारी कार्य की प्रगति और गंभीरता को समझ सकें और अपने हिस्से के कार्य को समय पर पूरा करें। रैयतों के साथ जनसुनवाई भी की जा रही है, ताकि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ मिले।

कंपनियों से संपर्क और सहयोग

पूर्व से जिन जिलों में कंपनियों के उद्योग स्थापित हैं, उनसे भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है। यदि ये कंपनियां नए उद्योग लगाने में रुचि दिखाएं, तो उन्हें प्रगति की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास का उद्देश्य समय पर पूरा होगा।

किस जिलों में हो रहा विकास

पारू: मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

अन्य जिले: नालंदा, भागलपुर, सुपौल, कटिहार, औरंगाबाद, गोपालगंज, गया, मुंगेर, वैशाली, सारण, शेखपुरा, शिवहर, बांका, रोहतास, दरभंगा, पूर्णिया, भोजपुर, सहरसा और पटना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप: रोहतास, सारण, वैशाली समेत 12 जिलों में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनाई जा रही है।

उद्देश्य और लाभ

सरकार का लक्ष्य न केवल औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना है, बल्कि भूमि अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव के मामलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना भी है। इससे रोजगार बढ़ेगा, निवेशकों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में औद्योगिक विकास की दिशा मजबूत होगी।