बिहार में फ्री राशन: अपात्र लोगों पर सख्त कार्रवाई शुरू

दरभंगा: बिहार में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चल रही राशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। माता-पिता, पति-पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाकर अनाज उठाने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार से इस बाबत आपूर्ति विभाग ने नया फरमान जारी कर दिया है।

गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर माह निर्धारित मापदंड के अनुसार अनाज मुहैया कराया जाता है। लेकिन अब सामने आ रहा है कि कई लाभुक एक ही परिवार के सदस्य होते हुए भी अलग-अलग नामों से राशन कार्ड बनवा चुके हैं, और अनाज का दुरुपयोग कर रहे हैं।

वन नेशन वन राशन कार्ड ने खोली पोल

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू होने के बाद इस फर्जीवाड़े की परतें और खुलने लगी हैं। एक ही परिवार के लोग अलग-अलग जिलों और राज्यों से भी अनाज उठा रहे हैं, जिससे राज्य सरकार के संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है।

जनता दरबार में डीएम को मिल रही शिकायतें

वहीं, जिलाधिकारी (DM) के जनता दरबार में लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद आपूर्ति विभाग हरकत में आया है। विभाग ने राशन कार्ड शुद्धता अभियान को तेज कर दिया है, जिसके तहत अब हर माह जांच की जा रही है।

16 हजार से अधिक राशन कार्ड रद्द

आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो जनवरी 2022 से दिसंबर 2022 के बीच तीनों अनुमंडलों में कुल 16,646 अंत्योदय एवं प्राथमिक (PHH) राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। इनमें स्थायी रूप से रद्द और एसडीओ स्तर से रद्द किए गए कार्ड शामिल हैं।

पीडीएस डीलर, विकास मित्र और शिकायतें बनीं आधार

इस जांच अभियान में पीडीएस डीलरों, विकास मित्रों और जनता से प्राप्त शिकायतों को आधार बनाया जा रहा है। साथ ही आपूर्ति विभाग द्वारा गठित विशेष टीम भी घर-घर जाकर सत्यापन कर रही है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है — जिसमें राशन कार्ड रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक शामिल हो सकती है।

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