फिलहाल, सर्वे पोर्टल खुला हुआ है और सभी रैयत (भूमि धारक) ऑनलाइन माध्यम से अपना स्वघोषणा पत्र अपलोड कर सकते हैं। साथ ही, जिनके लिए ऑनलाइन माध्यम सहज नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन फॉर्म जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनाए गए विशेष सर्वे शिविरों में जाकर भी लोग अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
डिजिटल प्रक्रिया को मिल रहा बढ़ावा
राज्य सरकार इस बार भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। जमीन मालिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने भूमि संबंधित दस्तावेजों को स्कैन करके एक पीडीएफ फाइल के रूप में तैयार करें और पोर्टल पर अपलोड करें। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी।
सावधानी और जागरूकता जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान न सिर्फ जमीन का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए है, बल्कि इसका उद्देश्य भविष्य में भूमि विवादों से बचाव और ई-भूलेख सिस्टम को मजबूत करना भी है। इसलिए सभी रैयतों से अपील की गई है कि वे समय रहते फॉर्म भरें और जमा करें।
कुछ दिन और खुला रहेगा पोर्टल
हालांकि अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है, लेकिन यह पोर्टल हमेशा के लिए नहीं खुला रहेगा। यह सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही एक्टिव रहेगा, ऐसे में रैयतों से अनुरोध है कि वे विलंब न करें और जल्द से जल्द फॉर्म भरकर जमा करें, ताकि बाद में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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