पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता
सरकार ने परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा की निगरानी और संचालन के लिए प्रदेश के 75 जिलों में दो हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में केंद्रों के निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
समिति में होंगे प्रशासनिक और शैक्षिक अधिकारी
इस समिति में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और तकनीकी शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं की देखरेख करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि न हो।
केंद्रों का चयन दो श्रेणियों में
परीक्षा केंद्रों का चयन दो श्रेणियों में किया जा रहा है: श्रेणी 'ए': इसमें राजकीय या सहायता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, पॉलीटेक्निक संस्थान और मेडिकल कॉलेज जैसे सरकारी संस्थान शामिल होंगे। जबकि श्रेणी 'बी': इसमें उन निजी शिक्षण संस्थानों को चुना जाएगा, जिनका पिछला रिकॉर्ड बेहतर रहा है और जो परीक्षा संचालन में दक्ष माने जाते हैं।
आवेदकों में उत्साह, प्रशासन सतर्क
RO/ARO परीक्षा की तारीख तय होते ही प्रतियोगी छात्र-छात्राओं में उत्साह की लहर है। वहीं, प्रशासनिक अमला इसे कदाचारमुक्त और सुनियोजित ढंग से संपन्न कराने में जुटा है। परीक्षार्थियों के लिए जल्द ही एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और परीक्षा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
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