यूपी बिजली विभाग से हटाए जाएंगे ये आउटसोर्सिंग कर्मी

उन्नाव: उत्तर प्रदेश बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए 135 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में कार्यरत कुल 952 कुशल-अकुशल कर्मचारियों में से अब केवल 817 कर्मियों से ही सेवा ली जाएगी। विभागीय आदेश के बाद सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ने छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

वेतन पर मिली स्वीकृति, हटेंगे 135 कर्मचारी

विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में केवल 817 कर्मियों के वेतन भुगतान की स्वीकृति दी गई है। इसके बाद आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 135 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह फैसला पावर कारपोरेशन द्वारा दिए गए नए अनुबंध के तहत लिया गया है, जिसमें वर्ल्ड क्लास प्रालि. कंपनी को कार्य सौंपा गया है।

नवाबगंज में 20 कर्मचारियों को नोटिस, आक्रोश बढ़ा

नवाबगंज उपखंड में कार्यरत 33 कर्मचारियों में से 20 को सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया गया है। अब वहां केवल 13 कर्मचारी ही कार्यरत रहेंगे। प्रभावित कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो माह से केवल उपस्थिति के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन वेतन नहीं दिया गया। अब अचानक सेवा समाप्ति की नोटिस थमा दी गई है।

पांच मई से आंदोलन की तैयारी

कर्मचारियों ने इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संविदा कर्मियों ने जेई विष्णु शुक्ला को पत्र सौंपते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बताया जा रहा है कि पांच मई से बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। जेई शुक्ला ने बताया कि अब केवल नौ कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में और चार कर्मचारी उपकेंद्रों पर कार्यरत रहेंगे, ताकि बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

52 उपकेंद्रों से 5.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति

बता दें कि जिले में कुल 52 बिजली उपकेंद्रों से 208 फीडरों के माध्यम से करीब साढ़े 5.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। इन फीडरों की देखरेख की जिम्मेदारी इन आउटसोर्सिंग कर्मियों पर ही थी। अब कर्मचारियों की संख्या घटने से कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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