यूपी सरकार की घोषणा, नए स्टार्टअप्स के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में रजिस्टर होने वाले स्टार्टअप्स को शुरुआती वर्षों में सरकारी जांच-पड़ताल के दबाव से राहत दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे नए उद्यम आसानी से खड़े हो सकेंगे और कारोबार शुरू करने का माहौल बेहतर बनेगा।

कब से और कैसे मिलेगा लाभ

सरकार के आदेश के अनुसार, जैसे ही कोई स्टार्टअप इकाई स्थापित होकर ‘निवेश मित्र’ पोर्टल पर रजिस्टर हो जाती है, उसी दिन से उसे यह छूट मिलनी शुरू हो जाएगी। यह सुविधा अधिकतम 10 वर्ष तक या स्टार्टअप का दर्जा समाप्त होने तक (जो पहले हो) लागू रहेगी।

किन इकाइयों को मिलेगी छूट

यह राहत मुख्य रूप से गैर-खतरनाक श्रेणी के कारखानों, प्रतिष्ठानों और उत्कृष्टता केंद्रों को दी जाएगी। इन इकाइयों को श्रम विभाग में स्वप्रमाणन के तहत आवेदन करना होगा।

मध्यम जोखिम वाले उद्योगों के

जहां कम जोखिम वाले उद्योगों को निरीक्षण से पूरी छूट दी गई है, वहीं मध्यम जोखिम वाली इकाइयों को सरकारी जांच के बजाय थर्ड पार्टी ऑडिट की सुविधा दी गई है। इससे निरीक्षण प्रक्रिया आसान और कम समय लेने वाली बनेगी।

कब हो सकता है निरीक्षण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि छूट के बावजूद कुछ स्थितियों में जांच संभव होगी। यदि किसी इकाई के खिलाफ विश्वसनीय और लिखित शिकायत मिलती है या किसी प्रकार की दुर्घटना होती है। ऐसी स्थिति में श्रमायुक्त की अनुमति से निरीक्षण किया जा सकेगा।

कर्मचारियों और उद्योग दोनों को फायदा

इस नीति का असर सिर्फ स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रदेश की हजारों नई और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि कम दखल और आसान नियमों से निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्यमियों को आगे आने का अवसर मिलेगा।

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