DA बढ़ाने की मांग तेज, केंद्रीय कर्मचारियों ने 16 अप्रैल के लिए बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। जनवरी 2026 से लागू होने वाली डीए की नई किस्त अभी तक घोषित नहीं हुई है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आमतौर पर डीए की घोषणा समय पर होती रही है, लेकिन इस बार देरी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।

16 अप्रैल को लंच ऑवर प्रोटेस्ट

केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक संगठन Confederation of Central Government Employees and Workers ने इस देरी के खिलाफ 16 अप्रैल 2026 को देशभर में लंच ऑवर प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की सिर्फ एक ही मांग है जनवरी 2026 से देय डीए/डीआर की तुरंत घोषणा की जाए।

कर्मचारियों की साफ मांग

कर्मचारी संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि डीए में देरी से कर्मचारियों की आर्थिक योजना प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में डीए का समय पर मिलना जरूरी है।

कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार डीए में 2% से 3% तक बढ़ोतरी की संभावना है। फिलहाल डीए 58% पर है, जो बढ़कर 60% या 61% तक पहुंच सकता है। भले ही यह प्रतिशत कम लगे, लेकिन इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ता है।

देरी की वजह क्या?

सरकारी स्तर पर इस देरी का कारण प्रशासनिक प्रक्रिया और मंजूरी बताया जा रहा है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की तैयारियों के चलते भी सरकार वेतन संरचना को संतुलित करने में जुटी है, जिससे घोषणा में देरी हो रही है।

एरियर मिलने की उम्मीद

हालांकि राहत की बात यह है कि डीए रोका नहीं गया है, सिर्फ उसकी घोषणा में देरी हुई है। ऐसे में जब भी घोषणा होगी, कर्मचारियों को बकाया (एरियर) का भुगतान किया जाएगा।

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