मदद की रकम में बड़ा बदलाव
पहले इस तरह की स्थिति में परिजनों को सिर्फ 5 हजार रुपये की सहायता मिलती थी। वह राशि भी बाद में समायोजित कर ली जाती थी। नई व्यवस्था में इसे चार गुना बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है, जिसे अब सीधे निगम की ओर से दिया जाएगा, ताकि परिवार को तुरंत आर्थिक सहारा मिल सके।
सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को लाभ
परिवहन विभाग की नई व्यवस्था में यह साफ किया गया है कि योजना का लाभ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। नियमित कर्मचारी हों, संविदा पर काम करने वाले हों या आउटसोर्सिंग के तहत तैनात कार्मिक, सभी इस सहायता के दायरे में आएंगे।
यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के तहत फैसला
यह प्रावधान यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के अंतर्गत लागू किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कर्मचारियों के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी वाला कदम
सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। परिवहन विभाग में काम करने वाले कर्मचारी रोजाना जोखिम उठाकर यात्रियों को सेवा देते हैं, ऐसे में उनके परिवारों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया गया है।
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