इन रडार की सबसे बड़ी ताकत इनकी लंबी दूरी की निगरानी क्षमता होगी। ये 450 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य का पता लगाने में सक्षम होंगे और ऊंचाई पर उड़ रहे खतरों को भी आसानी से ट्रैक कर सकेंगे। इससे बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज़ मिसाइल और आधुनिक लड़ाकू विमानों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
पुराने सिस्टम की जगह लेंगे नए रडार
देश में अभी कई रडार सिस्टम दशकों पुराने हैं, जिन्हें अब बदलने की जरूरत महसूस की जा रही है। नए रडार न सिर्फ आधुनिक होंगे, बल्कि सेना की निगरानी क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे।
मोबाइल और तेज तैनाती की सुविधा
इन रडार सिस्टम की खासियत यह होगी कि इन्हें वाहनों पर लगाया जाएगा। यानी जरूरत पड़ने पर इन्हें तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकेगा। इससे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित तैनाती संभव होगी।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस
नए रडार में उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे ये अधिक सटीक और शक्तिशाली बनेंगे। यह तकनीक दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक हमलों से भी सुरक्षा प्रदान करेगी और लगातार बेहतर प्रदर्शन बनाए रखेगी। आज के समय में ड्रोन और छोटे हवाई उपकरण बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। इन नए रडार में ऐसी क्षमता होगी कि वे छोटे से छोटे ड्रोन और ड्रोन समूह को भी पहचान सकें। इससे सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा।

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