नई योजना पर चल रहा मंथन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सूक्ष्म, लघु एवं मझोला उद्यम मंत्रालय वित्तीय सेवा विभाग के साथ मिलकर ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिससे छोटे कारोबारियों को आसान ऋण मिल सके। इसका उद्देश्य मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के बीच MSME सेक्टर को मजबूती देना है।
पहले भी मिल चुका है लाभ
कोरोना काल के दौरान शुरू की गई आपातकालीन ऋण गारंटी योजना ने लाखों कारोबारियों को संकट से उबरने में मदद की थी। उसी मॉडल पर फिर से योजना लाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि कारोबारियों को कार्यशील पूंजी और संचालन में सहायता मिल सके।
कच्चे माल की उपलब्धता पर जोर
सरकार सिर्फ ऋण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि MSME को कच्चा माल उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दे रही है। पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध कराया गया है, जिससे उत्पादन गतिविधियों को गति मिली है।
देश में तेजी से बढ़ रहा MSME सेक्टर
देश में MSME सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लाखों नए उद्यम पंजीकृत हुए हैं और कुल संख्या 8 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। यह दर्शाता है कि छोटे उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार MSME सेक्टर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और उद्योग संगठनों के साथ नियमित संवाद कर रही है। जरूरत के अनुसार आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।

0 comments:
Post a Comment