ब्रिक्स और उच्च स्तरीय दौरे पर बड़ा संकेत
राजदूत ने बताया कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क जारी रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा रूस भी भारत के प्रधानमंत्री के आगामी रूस दौरे की तैयारी कर रहा है।
रक्षा सहयोग में लगातार मजबूती
रूस ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को ऐतिहासिक और भरोसेमंद बताया है। राजदूत ने पुष्टि की कि एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की शेष आपूर्ति जल्द ही भारत को दी जाएगी। इसके साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल और एके-203 राइफल जैसे संयुक्त प्रोजेक्ट दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं।
इसके अलावा रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 में भारत की रुचि को भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जो भविष्य के रक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकता है।
ऊर्जा आपूर्ति पर रूस का भरोसा
ऊर्जा क्षेत्र में रूस भारत का एक अहम साझेदार बनकर उभरा है। रूस ने स्पष्ट किया है कि वह भारत की जरूरत के अनुसार कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है। रूस का कहना है कि वह भू-राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना भारत को ऊर्जा आपूर्ति करता रहेगा।

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