CM बनते ही सम्राट चौधरी का धमाकेदार एक्शन, अफसरों में मचा हड़कंप

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब प्रशासनिक कामकाज को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते ही सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि अब सरकार पूरी तरह 'एक्शन मोड' में काम करेगी। विभागों के बंटवारे के बाद सत्ता की तस्वीर भी स्पष्ट हो गई है और नई टीम ने कामकाज तेज करने के संकेत दे दिए हैं।

विभागों का नया बंटवारा

नई सरकार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास सामान्य प्रशासन, गृह विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार सहित कुल 29 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। यह संकेत देता है कि प्रशासनिक नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर उनका सीधा फोकस रहेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी को जल संसाधन और भवन निर्माण जैसे 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव को वित्त और ऊर्जा समेत 8 विभाग सौंपे गए हैं। इससे साफ है कि सरकार ने अनुभवी टीम के साथ संतुलित ढांचा तैयार किया है।

पद संभालते ही सख्त रुख

मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार का प्रशासन अब तेज गति से काम करेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

नई सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आने पर तुरंत कार्रवाई होगी। पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाएगी।

योजनाओं में देरी नहीं चलेगी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी विकास योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा। लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और नई योजनाओं को तेज गति से लागू करने पर जोर दिया गया है।

जनता की समस्याओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। खासकर जमीन विवाद, राजस्व मामलों और स्थानीय शिकायतों को तेजी से निपटाने पर जोर दिया गया है ताकि लोगों को राहत मिल सके।

'मोदी-नीतीश मॉडल' पर सरकार का दावा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार का विकास मॉडल केंद्र और राज्य की संयुक्त कार्यशैली यानी 'मोदी-नीतीश मॉडल' पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी और प्रशासनिक स्थिरता लाना है।

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