आयोग में नई नियुक्तियां
सरकार की ओर से दो अधिकारियों की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई है। स्मिता मोल को उप सचिव और अंबिका आनंद को निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारियों को उनके वर्तमान विभागों से स्थानांतरित कर वेतन आयोग में शामिल किया गया है।
वर्तमान जिम्मेदारियों से बदलाव
स्मिता मोल पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं, जबकि अंबिका आनंद इस्पात मंत्रालय में निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। अब दोनों अधिकारी वेतन आयोग के कामकाज में अहम भूमिका निभाएंगे।
कार्यकाल की अवधि तय
दोनों अधिकारियों का कार्यकाल वेतन आयोग की अवधि तक रहेगा। स्मिता मोल का कार्यकाल वर्ष 2029 तक बढ़ाया जा सकता है, जबकि अंबिका आनंद का कार्यकाल वर्ष 2030 तक जारी रह सकता है या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
पहले भी हो चुकी हैं नियुक्तियां
इससे पहले सरकार आयोग में संयुक्त सचिव स्तर पर भी अधिकारियों की नियुक्ति कर चुकी है। इससे आयोग की संरचना को मजबूत किया जा रहा है ताकि कामकाज को तेजी से पूरा किया जा सके।
कर्मचारियों की मांगें पहुंचीं आयोग तक
कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगें आयोग तक पहुंचा दी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन, भत्तों और पेंशन में उचित सुधार किया जाना जरूरी है।
इस नियुक्तियों का क्या है इसका असर?
इन नियुक्तियों के बाद उम्मीद की जा रही है कि वेतन आयोग जल्द ही अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा और कर्मचारियों के हित में अहम सिफारिशें सामने आएंगी। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
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