निर्यात में तेजी, बढ़ता ग्लोबल इंटरेस्ट
रूस के रक्षा निर्यात संगठन रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के मुताबिक Su-57E को लेकर कई देशों में बातचीत चल रही है और कुछ मामलों में अनुबंध भी किए जा चुके हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह लड़ाकू विमान अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की ओर बढ़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन से बढ़ेगी पहुंच
रूस इस फाइटर जेट को मलेशिया के कुआलालंपुर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी में पेश करने जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य एशिया और मध्य पूर्व के संभावित खरीदार देशों का ध्यान आकर्षित करना माना जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर उपयोग और डील्स
रिपोर्ट्स के अनुसार अल्जीरिया जैसे देशों में यह विमान सेवा में शामिल हो चुका है। वहीं कुछ अन्य देशों की भी इसमें दिलचस्पी बढ़ रही है। मध्य पूर्व और एशिया के कुछ देश रूस के इस फाइटर जेट को अपने रक्षा बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।
भारत की संभावित भूमिका
भारत और रूस के बीच Su-57 को लेकर चर्चा काफी समय से चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत को लाइसेंस प्रोडक्शन और तकनीकी साझेदारी का प्रस्ताव दिया गया है। कुछ स्तरों पर यह बातचीत आगे बढ़ने की भी खबरें हैं। इसके अलावा संयुक्त उत्पादन और तकनीक साझा करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यह सहयोग आगे बढ़ता है तो भारत को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ तकनीक तक सीधी पहुंच मिल सकती है।

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