न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) ने न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की है।
फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव
नए वेतन ढांचे में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। अभी यह 7वें वेतन आयोग में 2.57 है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर सीधा असर पड़ेगा और कुल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
सालाना इंक्रीमेंट में बदलाव
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि वार्षिक वेतन वृद्धि को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए। इससे कर्मचारियों की सैलरी हर साल तेजी से बढ़ सकती है और उनकी आय में स्थिर सुधार देखने को मिल सकता है।
HRA और पे लेवल में संशोधन
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को ‘X’ श्रेणी के शहरों में बढ़ाकर 40% करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही वेतन संरचना को सरल बनाने के लिए कई पे लेवल्स के विलय का प्रस्ताव भी रखा गया है, जैसे लेवल 2 और 3 को एक साथ मिलाना।
आयोग की मौजूदा स्थिति और गतिविधियां
जानकारी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग ने अपनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है। आयोग की टीम आने वाले दिनों में विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें करने वाली है, जिनमें देहरादून और दिल्ली प्रमुख हैं।
लागू होने की संभावना और आगे की प्रक्रिया
प्रस्ताव के अनुसार नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
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