यूपी सरकार का ऐलान: कर्मचारियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अहम फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भर्ती प्रक्रिया और तबादला नीति दोनों में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

1. चयन वर्ष अब बदला, भर्ती प्रक्रिया होगी आसान

सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव चयन वर्ष को लेकर किया है। अब तक चयन वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाता था, लेकिन अब इसे बदलकर 1 जनवरी से 31 दिसंबर कर दिया गया है। इस बदलाव का मकसद यह है कि भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया को कैलेंडर वर्ष के अनुरूप किया जा सके, जिससे रिक्तियों की गणना अधिक सरल और सटीक हो जाएगी। इससे भर्तियों की गति तेज होने की उम्मीद है।

2. नई नियमावली को मिली मंजूरी

इस बदलाव को लागू करने के लिए 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली 2026' को मंजूरी दे दी गई है। अब सभी विभाग इसी नए चयन वर्ष के आधार पर रिक्त पदों की गणना करेंगे और भर्ती आयोगों को प्रस्ताव भेजेंगे।

3. तबादला नीति 2026-27 को भी मंजूरी

सरकार ने कर्मचारियों के लिए नई वार्षिक स्थानांतरण नीति भी लागू कर दी है। इसके तहत 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे। इस नीति का असर लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा। एक जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल सेवा वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर अनिवार्य होगा अधिकतम 20% (ग्रुप A/B) और 10% (ग्रुप C/D) कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाएगा, स्थानांतरण ऑनलाइन और मेरिट बेस्ड सिस्टम से किया जाएगा

4 .कर्मचारियों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं

सरकार ने यह भी तय किया है कि सेवानिवृत्ति के करीब (2 साल शेष) कर्मचारियों को गृह जिले में तैनाती पर विचार किया जाएगा। दिव्यांग बच्चों के माता-पिता को उनकी सुविधा के अनुसार पोस्टिंग दी जाएगी। आकांक्षी जिलों में कार्यरत कर्मचारियों की तैनाती बिना विकल्प के नहीं बदली जाएगी

5 .महिला और विशेष मामलों पर ध्यान

महिला कर्मचारियों और विशेष परिस्थितियों में काम कर रहे कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए स्थानांतरण में लचीलापन रखा गया है, ताकि पारिवारिक और सामाजिक संतुलन बना रहे।

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