18 मई तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
आयोग ने आम लोगों को 18 मई तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है। यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर होगी, यानी उसी डेटा को मान्य माना जाएगा। प्राप्त आपत्तियों का निपटारा 22 मई तक किया जाएगा।
5 जून को आएगी अंतिम सूची
सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची 5 जून को प्रकाशित की जाएगी। इस बार खास तौर पर उन इलाकों में बदलाव किया गया है, जहां गांवों को नगर निकायों में शामिल किया गया है।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
इस बार चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी आंकड़े और जानकारी आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है, ताकि आम लोग आसानी से इसे देख सकें और अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें।
सिर्फ जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर होगी सुनवाई
आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल जनसंख्या से संबंधित आपत्तियां ही स्वीकार की जाएंगी। अन्य प्रकार की शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा। इससे प्रक्रिया को सरल और केंद्रित बनाए रखने की कोशिश की गई है।
जिम्मेदार अधिकारियों की तय हुई भूमिका
आपत्तियों की जांच के लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी।
जिला परिषद स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी।
अपील की स्थिति में जिला पदाधिकारी अंतिम निर्णय लेंगे।
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