1. प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म
अब बिजली कनेक्शन के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं रहेगा। उपभोक्ता पहले की तरह पोस्टपेड व्यवस्था में ही बिल जमा कर सकेंगे, जिससे उन्हें हर महीने भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
2. सभी कनेक्शन फिर होंगे पोस्टपेड
पिछले साल से जिन लाखों उपभोक्ताओं के कनेक्शन प्रीपेड मोड में किए गए थे, उन्हें भी अब दोबारा पोस्टपेड सिस्टम में बदला जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को रिचार्ज की झंझट से राहत मिलेगी।
3. पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया स्थगित
सरकार ने फिलहाल पुराने मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया रोक दी है। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक बदलाव से बचाया गया है।
4. बकाया बिल पर किस्तों की सुविधा
जिन उपभोक्ताओं पर बिजली का बकाया है, उन्हें अब एक साथ भुगतान करने के बजाय 10 किस्तों में बिल जमा करने का विकल्प मिलेगा। इससे आर्थिक दबाव कम होगा।
5. बिजली कनेक्शन नहीं कटेगा
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में महीने के भीतर उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे अचानक बिजली बंद होने की समस्या से राहत मिलेगी।
6. शिकायतों का त्वरित समाधान
स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिल की जानकारी एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजी जाएगी, ताकि उपभोक्ता समय पर जानकारी प्राप्त कर सकें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ महीनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर कई तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, जैसे रिचार्ज के बाद भी बिजली चालू न होना, ज्यादा बिल आना और लोड की गलत गणना। इन समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही थी। ऐसे में सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए यह राहत भरे कदम उठाए।

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