क्या है इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (EGR)?
EGR दरअसल भौतिक (असली) सोने का डिजिटल रूप है। जब कोई निवेशक EGR खरीदता है, तो उसके बदले उतनी ही मात्रा में असली सोना सुरक्षित रखा जाता है। निवेशक को उसकी इलेक्ट्रॉनिक रसीद दी जाती है, जो उसके डीमैट खाते में जमा रहती है। जरूरत पड़ने पर इसे बाजार में बेचा जा सकता है या असली सोने में बदला भी जा सकता है।
कैसे काम करेगी यह नई सुविधा?
इस व्यवस्था में सोने की खरीद-बिक्री बिल्कुल शेयरों की तरह होगी। निवेशक अपने डीमैट खाते के जरिए सोना खरीद सकेंगे, बाजार में सोने की कीमत रियल टाइम में दिखेगी, जब कीमत बढ़े, तो निवेशक आसानी से बेच सकेंगे। पैसा सीधे खाते में ट्रांसफर हो जाएगा यानी अब सोना खरीदने के लिए ज्वेलरी शॉप जाने की जरूरत नहीं, सब कुछ डिजिटल तरीके से हो सकेगा।
निवेशकों को क्या होगा फायदा?
इस नई सुविधा से निवेशकों को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
पारदर्शिता बढ़ेगी: देशभर में सोने की कीमतों में अंतर कम होगा
सुरक्षा: फिजिकल गोल्ड रखने का झंझट नहीं रहेगा
लिक्विडिटी: जरूरत पड़ते ही आसानी से बेच सकते हैं
छोटे निवेशकों को मौका: कम मात्रा में भी सोना खरीदा जा सकेगा।
कौन कर सकता है निवेश?
EGR के जरिए छोटे निवेशक, व्यापारी, ज्वेलर्स, बैंक और रिटेल निवेशक सभी सोने में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ डीमैट खाता होना जरूरी है। फिलहाल NSE पर गोल्ड ETF और गोल्ड डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग होती है, लेकिन EGR के जरिए निवेशक सीधे असली सोने में निवेश करेंगे, जो इसे खास बनाता है।

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