1. न्यूनतम वेतन में बड़ा उछाल
सबसे बड़ी मांग न्यूनतम वेतन को लेकर है। वर्तमान 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है। अगर यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की आय में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
2. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
सैलरी और पेंशन को 3.83 गुना फिटमेंट फैक्टर से जोड़ने का सुझाव दिया गया है। इसमें आधुनिक जीवनशैली, परिवार की जरूरतें और महंगाई को ध्यान में रखा गया है।
3. सालाना इंक्रीमेंट दोगुना की मांग
अभी कर्मचारियों को 3% का वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता है। इसे बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है, जिससे हर साल आय में तेज बढ़ोतरी हो सके।
4. करियर में ज्यादा प्रमोशन की मांग
30 साल की सेवा अवधि में कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही हर प्रमोशन पर 2 अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने का सुझाव भी रखा गया है।
5. भत्तों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
HRA, CEA और रिस्क अलाउंस जैसे सभी भत्तों को तीन गुना तक बढ़ाने की मांग की गई है। साथ ही इन्हें महंगाई भत्ते (DA) से लिंक करने का प्रस्ताव है।
6. छुट्टियों में नए प्रावधान की भी मांग
कर्मचारियों के लिए मेंस्ट्रुअल लीव, पैटरनिटी लीव और पेरेंट केयर लीव जैसे नए अवकाश शामिल करने की मांग की गई है। साथ ही लीव एनकैशमेंट की सीमा बढ़ाकर 600 दिन करने का सुझाव है।
7. NPS हटाकर OPS बहाल करने की मांग
पेंशन को लेकर कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट रुख अपनाया है। National Pension System और UPS को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग प्रमुख है।
8. पेंशनर्स के लिए विशेष राहत की मांग
रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' जैसी व्यवस्था लागू करने और 11 साल बाद कम्यूटेड पेंशन बहाल करने का प्रस्ताव रखा गया है।

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