कैसे हुआ चयन?
नगर विकास विभाग के निर्देश के अनुसार, इन निकायों का चयन प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। जिन शहरों को विभिन्न मानकों पर कम अंक मिले, उन्हें प्राथमिकता देते हुए इस योजना में शामिल किया गया है। पहले चरण में चुने गए 100 निकायों में मार्च 2026 तक काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद अब दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है।
किन-किन सुविधाओं में होगा सुधार?
सरकार की योजना के तहत इन शहरों में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे।
सड़क और कनेक्टिविटी: नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत।
जल निकासी व्यवस्था: जलभराव रोकने के लिए आरसीसी नालियां और बेहतर सीवरेज सिस्टम।
पेयजल सुविधा: साफ और नियमित पानी की सप्लाई सुनिश्चित करना।
स्ट्रीट लाइटिंग: गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक एलईडी लाइटें।
सफाई और कूड़ा प्रबंधन: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाना।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस
योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही, स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे, जिससे लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
शहरों का होगा सौंदर्यीकरण
चयनित नगर निकायों में पार्कों का विकास, खुले स्थानों का संरक्षण और शहरों की सुंदरता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे न सिर्फ जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि शहरों की पहचान भी बेहतर होगी।
कब तक होंगे काम?
इन सभी परियोजनाओं पर काम वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान किया जाएगा। इसके लिए नगर निकायों को अपने प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजने होंगे।

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