बिहार के स्कूलों में नई व्यवस्था लागू: सभी जिलों को निर्देश

पटना। बिहार सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। राज्य के करीब 71 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में अब रसोइया और सहायकों की नियुक्ति बच्चों की वास्तविक संख्या के आधार पर की जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है, ताकि योजना का लाभ हर छात्र तक सही तरीके से पहुंच सके।

इस दिशा में मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में नामांकित बच्चों की अद्यतन संख्या को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो सके।

बच्चों की संख्या से तय होंगे पद

नई व्यवस्था के तहत अब रसोइया और सहायकों की संख्या का निर्धारण स्कूलों में नामांकित छात्रों के आधार पर किया जाएगा। पहले भी इस तरह का प्रावधान था, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। संशोधित मानकों के अनुसार कुल नामांकन के लगभग 75 प्रतिशत को आधार मानकर पद तय किए जाएंगे।

खाली पद रहने पर कार्रवाई

सरकार ने इस बार नियमों को और सख्त बना दिया है। यदि किसी विद्यालय में रसोइया या सहायक का पद एक महीने से अधिक समय तक खाली रहता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें जिला शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव

नई गाइडलाइन के मुताबिक, यदि किसी रसोइया या सहायक की सेवा समाप्त होती है। चाहे वह उम्र पूरी होने, मृत्यु या इस्तीफे के कारण हो, तो पुराने रिक्त पद के आधार पर नियुक्ति नहीं होगी। इसके बजाय स्कूल में वर्तमान नामांकन के अनुसार ही नई नियुक्ति की गणना की जाएगी।

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