45+ पुरुषों के लिए जरूरी हैं ये 5 विटामिन, सेहत का रखें खास ख्याल

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। हड्डियों की मजबूती, मांसपेशियों की ताकत, आंखों की सेहत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 45 वर्ष की उम्र के बाद संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व देना भी जरूरी है। कुछ विटामिन की कमी होने पर थकान, कमजोरी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं।

हालांकि, हर व्यक्ति को विटामिन सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती। इसकी आवश्यकता खानपान, स्वास्थ्य और जांच के नतीजों पर निर्भर करती है।

45 की उम्र के बाद इन 5 विटामिन पर दें ध्यान

1. विटामिन D:

विटामिन D शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। यह हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है। धूप, वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी और विटामिन D से समृद्ध खाद्य पदार्थ इसके स्रोत हैं।

2. विटामिन B12:

विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट और कुछ मामलों में याददाश्त या संतुलन संबंधी परेशानी हो सकती है। दूध, दही, अंडे, मछली और मांस इसके प्रमुख स्रोत हैं। शाकाहारी लोगों को इसकी पर्याप्त मात्रा प्राप्त करने के लिए विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।

3. विटामिन B9 (फोलेट):

फोलेट शरीर में नई कोशिकाएं बनाने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। इसकी कमी से एक प्रकार का एनीमिया हो सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, बीन्स और कुछ फल फोलेट के अच्छे स्रोत हैं। संतुलित आहार के जरिए इसकी जरूरत पूरी करने की कोशिश करनी चाहिए।

4. विटामिन C:

विटामिन C शरीर में कोलेजन बनाने, घाव भरने और पौधों से मिलने वाले आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट भी है। आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू, शिमला मिर्च और अन्य फल-सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं। रोजाना भोजन में इनका शामिल होना फायदेमंद है।

5. विटामिन E:

विटामिन E एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, मूंगफली और वनस्पति तेलों में यह पाया जाता है। इसकी गंभीर कमी सामान्य तौर पर दुर्लभ होती है, इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के इसकी अधिक मात्रा वाले सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

केवल विटामिन ही नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान

45 वर्ष की उम्र के बाद स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ विटामिन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। भोजन में दालें, साबुत अनाज, फल, सब्जियां, मेवे और प्रोटीन के उचित स्रोत शामिल करें। नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें, धूम्रपान से बचें और शराब का सेवन न करें। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण है।

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