बिहार के लोगों की बल्ले-बल्ले! 8 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, सफर होगा आसान

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। करीब 568 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का लगभग 417 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। हालांकि, परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने में देरी के कारण निर्माण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बिहार के इन 8 जिलों को मिलेगा फायदा

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इसके बनने से इन जिलों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। साथ ही दूसरे राज्यों तक आने-जाने में भी सुविधा होगी।

चार की जगह छह लेन बनाने की मांग

बिहार के पथ निर्माण विभाग ने केंद्र सरकार से परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। विभाग चाहता है कि एक्सप्रेस-वे को चार लेन के बजाय छह लेन का बनाया जाए, ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात का दबाव आसानी से संभाला जा सके। इस प्रस्ताव पर अभी सहमति मिलने का इंतजार है। फिलहाल परियोजना को मंजूरी मिलने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही निर्माण कार्य की दिशा स्पष्ट होगी।

चार राज्यों के बीच आवागमन होगा आसान

इस एक्सप्रेस-वे से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे आगे असम तक यात्रा करने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। व्यापार, परिवहन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर सहित धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से उत्तर बिहार में पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है। हालांकि, इन लाभों के लिए परियोजना की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य का समय पर पूरा होना जरूरी है।

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