इन 5 जगहों पर विकसित होंगे हवाई अड्डे
योजना में किशनगंज, छपरा, उलाव (बेगूसराय), फारबिसगंज (अररिया) और सबेया (गोपालगंज) के हवाई अड्डों को शामिल किया गया है। यहां मौजूद हवाई पट्टियों को विकसित करके नियमित उड़ानों के संचालन के योग्य बनाने की तैयारी है। इस पहल से बड़े शहरों तक पहुंचना आसान हो सकता है। साथ ही, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इन 9 जिलों में बनेंगे हेलीपोर्ट
हवाई अड्डों के साथ हेलीकॉप्टर सेवाओं का नेटवर्क भी बढ़ाने की योजना है। इसके लिए औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी का चयन किया गया है। परियोजना की कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा बिहार सरकार देगी। इसके अलावा हवाई सेवाओं के संचालन और प्रचार को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 10 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान बताया गया है।
मुफ्त परिवहन सुविधा भी
नई हवाई सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों को एयरपोर्ट या हेलीपोर्ट से नजदीकी प्रमुख शहर तक मुफ्त पिकअप और ड्रॉप की सुविधा देने की भी योजना है। विमानन कंपनियों को भी करों में राहत और संचालन संबंधी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे नए रूट पर सेवाएं शुरू करने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
दरअसल, अड्डों और हेलीपोर्ट के विकास की यह पहल बिहार में क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम हो सकती है। हालांकि, यात्रियों को नियमित उड़ानों की सुविधा कब से मिलेगी, यह आगे होने वाले विकास कार्यों और संचालन की तैयारियों पर निर्भर करेगा।

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