कम जमीन वाले किसान भी उठा सकेंगे लाभ
इस योजना की खास बात यह है कि किसान कम जमीन पर भी बांस की खेती शुरू कर सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 10 डिसमिल से लेकर 50 डिसमिल तक जमीन पर खेती करने का विकल्प दिया गया है। इससे छोटे किसानों को भी खेती के साथ कमाई का नया जरिया अपनाने का अवसर मिल सकता है।
बांस की खेती से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार का उद्देश्य केवल बांस का उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कारोबार को भी प्रोत्साहित करना है। इसके लिए किसानों, कृषि कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। साथ ही बांस से हस्तशिल्प बनाने वाले कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
किसानों के लिए क्यों खास है यह योजना?
बांस का इस्तेमाल कई तरह के उत्पाद बनाने में होता है। ऐसे में इसकी खेती से किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा आय का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है। बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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