बिहार सरकार का बड़ा कदम, इन परिवारों को राहत, मिलेगी खुशखबरी!

पटना। बिहार में बिना जमीन वाले परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की सरकारी पहल को गति देने की तैयारी है। राज्य सरकार ने अभियान बसेरा के तहत पात्र परिवारों की पहचान और उनके आवेदन जमा कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। इसके लिए अब विकास मित्रों की सहायता ली जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने में देरी न हो।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के राजस्व अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

विकास मित्र भरवाएंगे पात्र परिवारों के आवेदन

सरकार की योजना है कि अभियान बसेरा के योग्य लाभार्थियों के आवेदन निर्धारित प्रारूप में भरवाए जाएं। इसके लिए विकास मित्रों की मदद ली जाएगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों की पहचान करने और आवेदन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने में मदद मिल सके।

निर्देश के मुताबिक, तैयार आवेदनों को तय समय-सीमा के भीतर बिहारभूमि पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अधिकारियों को प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचने और पात्र परिवारों के मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

अभियान बसेरा पर सरकार का जोर

समीक्षा बैठक में अभियान बसेरा को प्रमुखता से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य पात्र भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। आवेदन भरने से लेकर उन्हें पोर्टल पर दर्ज करने तक की कार्रवाई समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया।

इस पहल से उन परिवारों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो आवासीय जमीन के लिए सरकारी योजना के तहत लाभ पाने के पात्र हैं। हालांकि, भूमि आवंटन संबंधित पात्रता, उपलब्ध जमीन और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा।

लंबित मामलों को निपटाने के निर्देश

बैठक में सिर्फ अभियान बसेरा ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग के दूसरे महत्वपूर्ण कामों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को न्यायालयों में लंबित मामलों और राजस्व कर्मचारियों से जुड़े स्थापना संबंधी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने को कहा गया।

भूमि अभिलेखों में सुधार से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों की सुनवाई समय पर की जाए और अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित न रखा जाए।

पुराने दस्तावेजों को पोर्टल पर करें अपलोड

विभागीय कामकाज को डिजिटल बनाने के लिए भूमि से जुड़े उन अभिलेखों की स्कैनिंग पूरी करने का निर्देश भी दिया गया, जो अभी तक इस प्रक्रिया से छूटे हुए हैं। दस्तावेजों को स्कैन करने के बाद संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और राजस्व संबंधी कामकाज में आसानी हो सके।

विभागीय सचिव जय सिंह ने लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय में निष्पादन करने पर जोर दिया। वहीं, सचिव सीमा त्रिपाठी ने अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालयों का निरीक्षण करने की सलाह दी, जिससे कामकाज की निगरानी बेहतर हो सके।

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