बिहार जमीन सर्वे में दावा-आपत्ति के मिलेंगे 3 मौके

पटना: बिहार में जमीन सर्वे के दौरान दावा-आपत्ति के लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पहले चरण में भूमि के सही मालिकों को अपनी संपत्ति के संबंध में कोई जानकारी देने का अवसर मिलेगा। यदि किसी को आपत्ति होती है, तो उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।

खबर के अनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा है की जमीन सर्वे को फाइनल होने से पहले यानी खतियान का ड्राफ्ट पब्लिश होने तक किसी प्रकार की समस्या होने पर समाधान के लिए रैयतों को तीन अवसर मिलेंगे। इसको लेकर दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। 

बिहार जमीन सर्वे में दावा-आपत्ति के मिलेंगे 3 मौके। 

1 .बिहार में जमीन सर्वे का ड्राफ्ट छह महीने बाद ऑनलाइन देखा जा सकता है। इस ड्राफ्ट में किसी को कोई आपत्ति होने पर वह ऑनलाइन क्लेम कर सकता है

2 .जमीन सर्वे में किसी तरह की आपत्ति होने पर उसे दायर करने का अंतिम अवसर खतियान का ड्राफ्ट और नक्शा तैयार होने पर मिलेगा। 

3 .जमीन सर्वे में किसी तरह की दिक्कत होने पर रैयत बंदोबस्त पदाधिकारी के समक्ष अपनी आपत्ति या दावा रख सकते हैं। बंदोबस्त पदाधिकारी संबंधित पक्षों की सुनवाई करने और कागजात देखने के बाद अपना निर्णय देंगे। वहीं बंदोबस्त पदाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने वाले रैयत सिविल कोर्ट या हाइकोर्ट जा सकते हैं। 

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