खुशखबरी: बिहार की पंचायतों को मिला भारी फंड, विकास की नई लहर

पटना। बिहार की त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बड़ा अनुदान जारी किया है। 15वें वित्त आयोग (XV-FC) के तहत राज्य की पंचायतों को टाइड और अनटाइड अनुदान के रूप में कुल 4,383.98 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

टाइड अनुदान की दूसरी किश्त जारी

इस राशि में टाइड अनुदान की दूसरी किश्त के रूप में 1,203.60 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा, पहली किश्त में रोके गए हिस्से से 2.09 करोड़ रुपये तीन प्रखंड पंचायतों और सात ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध कराए गए, जो अब पात्र हो गई हैं।

केंद्र से हुई राशि आवंटन की मांग

इस अनुदान के लिए बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जनवरी में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात की थी। मंत्री ने 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित राशि के आवंटन के साथ-साथ अन्य मदों के लिए 803.79 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2,622.65 करोड़ रुपये और पंचायत भवनों के संचालन एवं रखरखाव के लिए वार्षिक वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया था।

पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में बढ़ावा

केंद्र से प्राप्त राशि से पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस, जिला पंचायत संसाधन केंद्रों की कंप्यूटर लैब, और IT आधारित सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह फंड ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को स्वच्छता, ओडीएफ स्थिति के संरक्षण और सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने में सहायता करेगा।

इस अनुदान से बिहार के स्थानीय विकास में तेजी

अनुदान से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इससे पंचायतों को जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी और गांवों में विकास का नया अध्याय शुरू होगा।

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