क्या है नई व्यवस्था?
नई प्रणाली के तहत अब पूरे दिन बिजली की दर एक समान नहीं रहेगी। स्मार्ट मीटर में लगे सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि उपभोक्ता किस समय कितनी बिजली उपयोग कर रहा है और उसी के आधार पर बिल बनेगा।
दिन में सस्ती बिजली का लाभ
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा रहेगा। इस दौरान बिजली उपयोग करने पर करीब 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यानी यदि 100 रुपये की बिजली खर्च होती है, तो उपभोक्ता को लगभग 80 रुपये ही चुकाने होंगे।
शाम के समय बढ़ेगा खर्च
शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली की दरें बढ़ जाएंगी। इस अवधि को पीक आवर्स माना गया है, जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा रहती है। घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह शुल्क और अधिक हो सकता है।
रात में सामान्य दरें लागू
रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को निर्धारित दर के अनुसार ही भुगतान करना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के अनुसार, शाम के समय बिजली की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड पर दबाव पड़ता है। इस नई व्यवस्था के जरिए लोगों को दिन के समय अधिक बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि लोड को संतुलित किया जा सके।
स्मार्ट मीटर की बढ़ती पहुंच
राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 1.12 करोड़ उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाए। इसके साथ ही बिजली सब्सिडी में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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