खुशखबरी की घोषणा: बिहार में हर जिले में बनेगा मॉडल सौर गांव

पटना। बिहार में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के हर जिले में एक मॉडल सौर गांव विकसित किया जाएगा।

एक करोड़ की सहायता से विकसित होंगे सौर गांव

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रत्येक मॉडल सौर गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य गांवों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।

जिला स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर

योजना को गति देने के लिए जिलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का मकसद: लोगों को योजना की जानकारी देना, बैंक ऋण प्रक्रिया को आसान बनाना, सौर संयंत्र लगाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करना। बैठक में बैंकों को निर्देश दिया गया कि छोटे सोलर प्लांट के लिए अनावश्यक दस्तावेज न मांगे जाएं और प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

रूफटॉप सोलर लगाने का बड़ा लक्ष्य

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 4.82 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत मिलने वाली सब्सिडी:

1 किलोवाट: ₹30,000

2 किलोवाट: ₹60,000

3 किलोवाट या अधिक: अधिकतम ₹78,000

इसके अलावा उपभोक्ताओं को 6% ब्याज दर पर आसान बैंक ऋण की सुविधा भी मिलेगी।

कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं पर विशेष ध्यान

सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ना है। इसके लिए जीविका समूहों की मदद ली जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द योग्य गांवों का चयन करें और योजना को जमीन पर उतारें।

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