MSP में बढ़ोतरी से किसानों को राहत
सरकार ने इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल की तुलना में ₹160 ज्यादा है। इसके अलावा किसानों को छंटाई, सफाई और उतराई जैसे कार्यों के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अतिरिक्त दिए जाएंगे। यह अतिरिक्त खर्च मंडी परिषद द्वारा वहन किया जाएगा।
कब शुरू होगी गेहूं की खरीद
राज्य के कृषि मंत्री के अनुसार, गेहूं खरीद अभियान 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 6,500 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खरीद की जिम्मेदारी कई सरकारी एजेंसियों को दी गई है, जिनमें Food Corporation of India (FCI), पीसीएफ और मंडी परिषद शामिल हैं। इसके साथ ही, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
खरीद लक्ष्य में बड़ा इजाफा
शुरुआत में खाद्य विभाग ने लगभग 30 लाख टन गेहूं खरीद का प्रस्ताव दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर 50 लाख टन कर दिया। इस फैसले का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकारी खरीद का लाभ दिलाना और बिचौलियों की भूमिका को कम करना है।
पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
सरकार ने किसानों के पंजीकरण और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसका सीधा लाभ यह होगा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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